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Bhubaneswar भुवनेश्वर। ओडिशा में स्कूल और जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग को लेकर रविवार को नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान लोअर पीएमजी इलाके में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और कमिश्नरेट पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। एनएसयूआई का आरोप है कि सरकारी स्कूलों की किताबों में बड़ी संख्या में गलतियां हैं और शिक्षा विभाग में कई तरह की अनियमितताएं हो रही हैं।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) के अध्यक्ष भक्त चरण दास और ओडिशा छात्र कांग्रेस के अध्यक्ष बिभूति भूषण मोहापात्र के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री के सरकारी आवास का घेराव करने जा रहे थे, लेकिन जब पुलिस ने उन्हें लोअर पीएमजी पर रोक दिया तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हो गई। बाद में पुलिस ने ओपीसीसी अध्यक्ष भक्त चरण दास समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
इससे पहले रविवार को ओडिशा प्रदेश छात्र कांग्रेस ने मास्टर कैंटीन चौक पर 'छात्र संकल्प समावेश' का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में नए छात्र कांग्रेस अध्यक्ष बिभूति भूषण मोहापात्र का स्वागत किया गया और संगठन की आगे की रणनीति से जुड़ा एक प्रस्ताव भी पारित किया गया। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने सभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि सरकार 'युवा विरोधी' और 'छात्र विरोधी' है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में गिरावट के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ केंद्र सरकार की कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है।
वहीं, ओपीसीसी अध्यक्ष भक्त चरण दास ने आरोप लगाया कि ओडिशा के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं, क्योंकि राज्य के छात्र अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर नहीं उतर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है और राज्य की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है। दास ने दावा किया कि राज्य के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में करीब 50 प्रतिशत शिक्षकों, फैकल्टी और अन्य कर्मचारियों के पद खाली हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। भक्त चरण दास ने शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड पर छात्रों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की किताबों में 2,000 से ज्यादा गंभीर गलतियां हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री के इस्तीफे की लगातार मांग के बावजूद राज्य सरकार उन्हें बचा रही है और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी इस आलोचना से बिल्कुल प्रभावित नहीं हुए हैं।
दास ने कहा, "उन्हें सबक सिखाने के लिए ओडिशा में दिल्ली के जंतर-मंतर से भी बड़ा और असरदार आंदोलन करने की जरूरत है। अगर छात्र शक्ति जाग गई तो ओडिशा भी जाग जाएगा।"
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