
ओडिशा Odisha सोमवार को NHRC के जारी एक बयान के मुताबिक, ज़िला प्रशासन के दखल और स्थानीय NGO की मदद के बाद ही महिला का अंतिम संस्कार हो पाया। आयोग ने कहा कि अगर ये आरोप सच हैं, तो ये मानवाधिकारों के उल्लंघन की गंभीर चिंता पैदा करते हैं। इसलिए आयोग ने मुख्य सचिव से दो हफ़्ते के अंदर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
NHRC ने 11 जून को छपी मीडिया रिपोर्टों का ज़िक्र किया। इन रिपोर्टों में आरोप लगाया गया था कि महिला की बेटी दूसरी जाति के एक व्यक्ति के साथ कुछ समय के लिए घर से चली गई थी, जिसके बाद ग्रामीणों ने परिवार पर जुर्माना लगाया था। जुर्माना न भर पाने के कारण परिवार को सामाजिक रूप से बहिष्कृत कर दिया गया था।
आयोग ने चिंता जताई कि परिवार को कथित तौर पर एक दशक से ज़्यादा समय तक सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ा और महिला की मौत के बाद भी यह बहिष्कार जारी रहा, जिससे उसके अंतिम संस्कार में भी दिक्कतें आईं। NHRC ने कहा कि ओडिशा सरकार से रिपोर्ट मिलने के बाद वह इस मामले की आगे जांच करेगा।





