ओडिशा

ओडिशा हाईकोर्ट ने वितरण में देरी को लेकर सरकार से हलफनामा मांगा

Subhi
1 Nov 2026 1:27 PM IST
ओडिशा हाईकोर्ट ने वितरण में देरी को लेकर सरकार से हलफनामा मांगा
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कटक: उड़ीसा उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को 2026-27 शैक्षणिक वर्ष के लिए कक्षा 1 से आठवीं तक के छात्रों के लिए त्रुटि रहित पाठ्यपुस्तकें तैयार करने और वितरित करने में देरी पर राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा, जबकि जून में पेश की गई पुस्तकों में कथित तौर पर 1,678 त्रुटियां पाई गई थीं।

मुख्य न्यायाधीश हरीश टंडन और न्यायमूर्ति चितरंजन दाश की खंडपीठ ने भुवनेश्वर स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता और वकील प्रबीर कुमार दास द्वारा दायर जनहित याचिका का जवाब देते हुए राज्य सरकार को एक सप्ताह के भीतर एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 9 नवंबर की तारीख तय की है.

याचिका में आरोप लगाया गया कि राज्य सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 ढांचे के तहत शुरू की गई त्रुटि-युक्त पाठ्यपुस्तकों को बदलने के लिए समय पर कदम उठाने में विफल रही है, जिससे लाखों छात्र गलतियों वाली पुस्तकों पर निर्भर हो गए हैं।

जनहित याचिका के अनुसार, जून में बड़े पैमाने पर त्रुटियां सामने आने से पहले कक्षा I से VIII के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) द्वारा तैयार की गई 55 पाठ्यपुस्तकें वितरित की गई थीं। हालाँकि ओडिशा स्कूल शिक्षा कार्यक्रम प्राधिकरण (ओएसईपीए) ने अपनी वेबसाइट पर त्रुटियों की एक सही सूची अपलोड की थी, लेकिन यह छात्रों के सामने आने वाली कठिनाइयों को पर्याप्त रूप से संबोधित करने में विफल रहा था।

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