
बारीपदा: ठाकुरमुंडा ब्लॉक के कई निवासी अपने कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) में डॉक्टर के अक्सर नदारद रहने से नाराज़ हैं। उनका कहना है कि इससे मयूरभंज ज़िले के आदिवासी बहुल इलाके में स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है।
सिमिलिपाल टाइगर रिज़र्व की तलहटी में बसा ठाकुरमुंडा, बारीपदा स्थित ज़िला मुख्यालय अस्पताल और पंडित रघुनाथ मुर्मू मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से 110 किलोमीटर से ज़्यादा दूर है। कपटीपदा और करंजिया के सब-डिविज़नल अस्पताल भी दूर हैं, जिससे स्थानीय लोगों के लिए दूसरी स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँचना मुश्किल हो जाता है।
निवासियों का आरोप है कि CHC के आयुष डॉक्टर अक्सर काम के घंटों के दौरान ड्यूटी पर नहीं होते और इसके बजाय एक प्राइवेट क्लिनिक और दवा की दुकान पर मरीज़ों को देखते हैं।
स्थानीय निवासी महेश्वर मुदुली, लक्ष्मी दास, अमरेंद्र कुदादा, नायब सरपंच प्रमिला लुगुन और त्रिनाथ सेठी समेत कई लोगों ने डॉक्टर के तबादले और उनकी जगह किसी ज़िम्मेदार डॉक्टर को तैनात करने की मांग की है। मुदुली ने बताया कि निवासियों ने इस मुद्दे पर छह महीने पहले मयूरभंज के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा था।
उन्होंने 23 सितंबर और 7 अक्टूबर को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को भी ज्ञापन सौंपे, साथ ही ज़िला कलेक्टर, स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव के सामने भी यह मुद्दा उठाया। हालांकि, मुदुली ने कहा कि समस्या का समाधान नहीं हुआ।





