
भुवनेश्वर: मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बुधवार को राज्य में रासायनिक दुर्घटनाओं के लिए उन्नत तैयारियों, त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वित निष्पादन और दुर्घटना के बाद प्रबंधन पर जोर दिया।
लोक सेवा भवन में राज्य संकट समूह (एससीजी) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए गर्ग ने कहा कि रासायनिक दुर्घटना के दौरान मानव जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता थी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा प्रणालियाँ औद्योगिक विकास जितनी ही महत्वपूर्ण हैं।
मुख्य सचिव ने कहा, "जिला और स्थानीय स्तर पर आपातकालीन योजनाएं तैयार करने, नियमित मॉक ड्रिल आयोजित करने और संभावित खतरों की पहले से पहचान करके सुरक्षा ऑडिट और जोखिम मूल्यांकन को मजबूत करने की आवश्यकता है।" उन्होंने आपातकालीन स्थितियों के प्रभावी एवं सफल प्रबंधन के लिए अंतर्विभागीय एवं अंतर-एजेंसी समन्वय को मजबूत करने के निर्देश दिये।
विकास आयुक्त डीके सिंह ने खतरे से संबंधित आंकड़ों के नियमित सत्यापन, जिलों में औद्योगिक प्रतिष्ठानों या कारखानों से दूर खतरनाक सामग्रियों का परिवहन करने वाले वाहनों के लिए ऑफ-साइट आपातकालीन योजनाओं की समीक्षा और जीआईएस-आधारित मैपिंग पर जोर दिया।





