
कटक: यहाँ की एक स्थानीय अदालत ने चौद्वार सर्कल जेल के पूर्व सीनियर सुपरिटेंडेंट सुजीत कुमार राउला की ज़मानत अर्ज़ी खारिज कर दी है। उन्हें हत्या के आरोप में विचाराधीन दो कैदियों के भागने के बाद जेल के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर के सिलसिले में गिरफ़्तार किया गया था।
एडिशनल सेशन जज-सह-स्पेशल जज (विजिलेंस) राजकिशोर महापात्रा ने बुधवार को एक आदेश में कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और मामले के कई पहलुओं का पता लगाया जाना बाकी है। राउला को 20 सितंबर को आधिकारिक जेल रिकॉर्ड (जैसे गेट इन-आउट रजिस्टर) के साथ छेड़छाड़ करने और जेल सुपरिटेंडेंट की मिनट बुक में पूर्व जेलर संतोषिनी डैश के जाली हस्ताक्षर करने के आरोपों में गिरफ़्तार किया गया था। उनकी पिछली ज़मानत अर्ज़ी 21 सितंबर को खारिज कर दी गई थी।
डैश ने शिकायत दर्ज कराई थी कि राउला बिना इजाज़त ड्यूटी से गायब रहे और जेल से दो कैदियों के भागने के बाद ही लौटे। उन्होंने आरोप लगाया कि 1, 2 और 3 अक्टूबर के आधिकारिक गेट इन-आउट रजिस्टर में जानबूझकर बदलाव किए गए ताकि यह दिखाया जा सके कि राउला ड्यूटी के दौरान जेल के अंदर लगातार मौजूद थे।
डैश ने यह भी आरोप लगाया कि सुरक्षा चूक की ज़िम्मेदारी उन पर डालने की कोशिश में 2 अक्टूबर को जेल की मिनट बुक में उनके जाली हस्ताक्षर किए गए। FIR में कहा गया है, "यह काम सबूत गढ़ने, अधिकारियों को गुमराह करने और खुद को ज़िम्मेदारी से बचाते हुए मुझे झूठे मामले में फंसाने के गलत इरादे से किया गया था।"





