
बरहामपुर: सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) सौम्य रंजन महापात्र की रहस्यमय मौत के पांच साल बाद, पुलिस ने बुधवार को उनके पूर्व रसोइया मन्मथ कुंभा को परलाखेमुंडी एसडीजेएम अदालत द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) के आधार पर गजपति जिले में उनके पैतृक गांव से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की एक टीम ने रायगढ़ा ब्लॉक के अंतर्गत कुरुजांगा में कुंभा के घर पर छापा मारा और उसे हिरासत में ले लिया। इसके बाद उसे एसडीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। कुंभा आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत दर्ज मामले में वांछित था। पुलिस ने कहा कि बार-बार नोटिस के बावजूद कथित तौर पर उपस्थित नहीं होने के बाद अदालत ने एनबीडब्ल्यू जारी किया।
कुंभा 11 जुलाई, 2021 के इस मामले के तीन आरोपियों में से एक था। सौम्या, जो तब परालाखेमुंडी में एसीएफ के रूप में तैनात थे, रहस्यमय परिस्थितियों में अपने आधिकारिक आवास पर लगभग 80 प्रतिशत जल गए थे। बाद में कटक के एक अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके बाद, उनके परिवार ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी हत्या कर दी गई है और तत्कालीन गजपति डीएफओ संग्राम केशरी बेहरा, सौम्या की पत्नी बिद्या भारती पांडा और कुंभा को आरोपी बनाया गया है। इसी साल 27 जुलाई को बेहरा ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था. उनकी जमानत याचिका खारिज होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।





