ओडिशा

तीन महीने बाद पर्यटकों के लिए खुला भीतरकनिका नेशनल पार्क

Kavita2
1 Aug 2026 2:15 PM IST
तीन महीने बाद पर्यटकों के लिए खुला भीतरकनिका नेशनल पार्क
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भुवनेश्वर। प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए राहत भरी खबर है। देश के सबसे महत्वपूर्ण मैंग्रोव वन क्षेत्रों में शामिल और दुनिया भर में अपनी जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध भीतरकनिका नेशनल पार्क शनिवार से एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। खारे पानी के मगरमच्छों के वार्षिक प्रजनन और घोंसले बनाने की प्रक्रिया के कारण पिछले तीन महीनों से बंद यह राष्ट्रीय उद्यान अब फिर से देश-विदेश के पर्यटकों का स्वागत करने के लिए तैयार है। पार्क के खुलने के साथ ही वन विभाग को बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, खारे पानी के मगरमच्छों के सुरक्षित प्रजनन, अंडे देने और घोंसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भीतरकनिका नेशनल पार्क को हर वर्ष 1 मई से 31 जुलाई तक बंद रखा जाता है। इस अवधि में किसी भी प्रकार की मानवीय गतिविधि पर रोक लगाई जाती है ताकि मगरमच्छों सहित अन्य वन्यजीवों को किसी तरह का व्यवधान न हो। यही कारण है कि इस दौरान देशी और विदेशी पर्यटकों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लागू रहता है।

अधिकारियों का कहना है कि मगरमच्छों का प्रजनन काल उनके जीवन चक्र का सबसे संवेदनशील समय होता है। यदि इस दौरान पर्यटकों की आवाजाही या नौकाओं का संचालन जारी रहे तो वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष यह अस्थायी प्रतिबंध लगाया जाता है। अब प्रजनन और घोंसले बनाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पार्क को फिर से आम लोगों के लिए खोल दिया गया है।

भीतरकनिका नेशनल पार्क अपनी समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक सुंदरता के कारण देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विशेष पहचान रखता है। यह क्षेत्र विश्व के सबसे बड़े मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्रों में से एक माना जाता है और विशेष रूप से विशाल खारे पानी के मगरमच्छों के लिए प्रसिद्ध है। यहां कई ऐसे मगरमच्छ पाए जाते हैं जिनकी लंबाई पांच से छह मीटर तक होती है, जिन्हें देखने के लिए हर वर्ष हजारों पर्यटक पहुंचते हैं।

मगरमच्छों के अलावा यह राष्ट्रीय उद्यान अनेक दुर्लभ और संरक्षित वन्यजीवों का भी सुरक्षित आवास है। यहां चीतल, जंगली सूअर, सांभर, अजगर, किंग कोबरा, जल मॉनिटर छिपकली, ऊदबिलाव और कई अन्य प्रजातियां प्राकृतिक वातावरण में देखी जा सकती हैं। पक्षी प्रेमियों के लिए भी यह स्थान किसी स्वर्ग से कम नहीं है। सर्दियों के मौसम में यहां देश-विदेश से हजारों प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं, जिससे यह क्षेत्र पक्षी अवलोकन के लिए भी अत्यंत लोकप्रिय बन जाता है।

पार्क प्रशासन ने बताया कि पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नौका सेवाओं को फिर से शुरू कर दिया गया है और पर्यटकों को निर्धारित मार्गों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग ने आगंतुकों से अपील की है कि वे पार्क के नियमों का पालन करें, वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और किसी भी प्रकार की प्लास्टिक या अन्य प्रदूषण फैलाने वाली सामग्री का उपयोग न करें।

पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि पार्क के दोबारा खुलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलेगा। पिछले तीन महीनों के दौरान पर्यटकों की आवाजाही बंद रहने से होटल, गेस्ट हाउस, नाव संचालकों, स्थानीय गाइडों, परिवहन सेवाओं और हस्तशिल्प व्यवसाय से जुड़े लोगों की आय प्रभावित हुई थी। अब पर्यटकों के लौटने से इन सभी क्षेत्रों में फिर से आर्थिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगस्त से लेकर सर्दियों के मौसम तक भीतरकनिका में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ती रहती है। प्राकृतिक हरियाली, मैंग्रोव वन, नदी-नालों का अनूठा नेटवर्क और वन्यजीवों की विविधता पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करती है। फोटोग्राफी और प्रकृति अध्ययन करने वाले शोधार्थियों के लिए भी यह क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले मौसम और पार्क संचालन से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त कर लें तथा केवल अधिकृत नौकाओं और गाइडों की सेवाओं का ही उपयोग करें। अधिकारियों ने कहा कि संरक्षण और पर्यटन के बीच संतुलन बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ लोगों को प्रकृति के करीब आने का अवसर भी मिलता रहे।

तीन महीने के संरक्षण काल के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद भीतरकनिका नेशनल पार्क का दोबारा खुलना न केवल वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, बल्कि यह प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए भी एक सुखद अवसर है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक इस अनूठे राष्ट्रीय उद्यान का रुख करेंगे और इसकी प्राकृतिक सुंदरता तथा समृद्ध जैव विविधता का आनंद लेंगे।

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