
Odisha ओडिशा: सरकार ने राज्य में अपार्टमेंट रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और एक समान बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग और आवास एवं शहरी विकास विभाग ने संयुक्त रूप से एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया है।
इस नए SOP का उद्देश्य राज्य में अपार्टमेंट रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जटिलताओं और अलग-अलग व्याख्याओं को समाप्त करना है। अब तक ओडिशा अपार्टमेंट (स्वामित्व और प्रबंधन) अधिनियम, 2023, रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 और पंजीकरण अधिनियम, 1908 के प्रावधानों की अलग-अलग व्याख्याओं के कारण कई स्तर पर भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती थी। नए SOP के माध्यम से इन सभी कानूनी ढांचों के बीच समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया गया है।
सरकार का कहना है कि इस पहल से पूरे राज्य में अपार्टमेंट रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया एक जैसी हो जाएगी और नागरिकों को अनावश्यक देरी और तकनीकी बाधाओं से राहत मिलेगी। इसके साथ ही रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता और विश्वास बढ़ने की उम्मीद भी जताई गई है।
नए SOP के अनुसार, अपार्टमेंट रजिस्ट्रेशन को तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पहली श्रेणी में प्री-RERA अपार्टमेंट की री-सेल (पुनः बिक्री) को शामिल किया गया है। दूसरी श्रेणी में प्री-RERA प्रोजेक्ट्स में बिना बिके फ्लैट्स की पहली बिक्री को रखा गया है। जबकि तीसरी श्रेणी में पोस्ट-RERA अपार्टमेंट शामिल किए गए हैं।
हर श्रेणी के लिए अलग-अलग दस्तावेज़ों की सूची, सत्यापन प्रक्रिया और रजिस्ट्रेशन की शर्तें स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई हैं। इससे आवेदकों को यह समझने में आसानी होगी कि किस प्रकार के अपार्टमेंट के लिए कौन-कौन से दस्तावेज आवश्यक हैं और किस प्रक्रिया का पालन करना होगा।
राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग तथा आवास एवं शहरी विकास विभाग ने कहा है कि इस SOP के लागू होने से विभिन्न सरकारी कार्यालयों के बीच समन्वय भी बेहतर होगा और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी से हो रहे विस्तार को देखते हुए यह जरूरी था कि अपार्टमेंट रजिस्ट्रेशन से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल और मानकीकृत किया जाए। इससे न केवल आम नागरिकों को लाभ मिलेगा, बल्कि बिल्डरों और डेवलपर्स के लिए भी प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और आसान हो जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से ओडिशा में संपत्ति पंजीकरण प्रणाली में सुधार होगा और भविष्य में विवादों की संभावना भी कम होगी। इसके अलावा, यह सुधार राज्य में निवेश माहौल को भी मजबूत करने में मदद करेगा।
कुल मिलाकर, नया SOP ओडिशा में रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम माना जा रहा है, जो रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।





