ओडिशा

Nabarangpur सेवाश्रम के हेडमास्टर पर नाबालिग के साथ छेड़छाड़ का आरोप

Ratna Netam
27 April 2026 7:29 PM IST
Nabarangpur सेवाश्रम के हेडमास्टर पर नाबालिग के साथ छेड़छाड़ का आरोप
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Nabarangapur .नबरंगपुर: नबरंगपुर जिले के एक छोटे से गाँव में स्थित सेवाश्रम के हेडमास्टर को नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के गंभीर आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह मामला स्थानीय लोगों के बीच आक्रोश का कारण बना है और प्रशासन को सक्रिय होने के लिए मजबूर किया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी हेडमास्टर को हिरासत में लिया गया। आरोपी पर आरोप है कि उसने अपनी पदोन्नति और शक्ति का गलत उपयोग करते हुए नाबालिग लड़की के साथ असभ्य व्यवहार किया। शिकायतकर्ता और उनके परिजनों ने बताया कि यह घटना लंबे समय से चल रही थी, लेकिन उन्होंने प्रशासन को विश्वास दिलाने में समय लगाया।
स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ बाल संरक्षण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच अधिकारी ने कहा कि आरोपी से पूछताछ जारी है और सभी संभावित साक्ष्यों को संकलित किया जा रहा है। आरोपी के पास से कुछ संदिग्ध दस्तावेज और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
समुदाय और अभिभावकों में इस घटना को लेकर गहरी चिंता और नाराजगी है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि वे चाहते हैं कि न केवल आरोपी को सख्त सजा मिले, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता पर भी जोर दिया जाए। इस घटना ने यह सवाल उठाया है कि शिक्षा संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या पर्याप्त उपाय किए जा रहे हैं।
शिक्षा विभाग ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वनिर्धारित जांच कमेटी गठित की है। विभागीय अधिकारी ने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सभी शिक्षा संस्थानों को चेतावनी दी गई है कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी और कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच आवश्यक है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में जल्दी और पारदर्शी कार्रवाई आवश्यक है। इससे न केवल पीड़ित और उनके परिवार को न्याय मिलता है, बल्कि समाज में बच्चों की सुरक्षा और विश्वास भी मजबूत होता है। बाल अधिकारों के कार्यकर्ता भी इस मामले में सक्रिय हो गए हैं और उन्होंने पुलिस और प्रशासन से अपील की है कि आरोपी को जल्द से जल्द न्याय प्रक्रिया के तहत दोषी ठहराया जाए।
नबरंगपुर जिले में इस घटना ने शिक्षा और सुरक्षा के सवालों को उजागर किया है। यह घटना बच्चों के अधिकारों और उनके संरक्षण के महत्व को दोबारा सामने लाती है। प्रशासन और समुदाय दोनों के प्रयास से ही ऐसे अपराधों की रोकथाम संभव है।
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