ओडिशा

MV ओशन विनर हादसा: चार दिन बाद मिली लाइफबोट, 22 क्रू सदस्य अब भी लापता

Kavita2
26 Aug 2026 9:57 AM IST
MV ओशन विनर हादसा: चार दिन बाद मिली लाइफबोट, 22 क्रू सदस्य अब भी लापता
x

भुवनेश्वर। ओडिशा तट के पास बंगाल की खाड़ी में पनामा के झंडे वाले कार्गो जहाज MV ओशन विनर के डूबने के चार दिन बाद तलाशी अभियान में एक महत्वपूर्ण सुराग मिला है। संयुक्त सर्च ऑपरेशन में बचाव दल को जहाज के नाम वाली एक लाइफबोट मिली है। हालांकि, लाइफबोट के अंदर कोई क्रू सदस्य नहीं मिला। हादसे के बाद से जहाज पर सवार 22 क्रू सदस्य अब भी लापता हैं और उनकी तलाश के लिए समुद्री क्षेत्र में अभियान जारी है।

लापता क्रू सदस्यों की तलाश के लिए भारतीय तटरक्षक बल और चीन के मैरीटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर (MRCC) के बीच समन्वय से संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान तलाशी टीमों को जहाज से संबंधित लाइफबोट मिली। लाइफबोट पर MV ओशन विनर का नाम होने की पुष्टि के बाद इसे हादसे से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, उसमें किसी क्रू सदस्य के नहीं मिलने से राहत और बचाव दल की चिंता बनी हुई है।

समुद्र में खराब परिस्थितियों और व्यापक तलाशी क्षेत्र के बीच बचाव दल लगातार अभियान चला रहा है। जहाज के डूबने के चार दिन बाद लाइफबोट का मिलना जांच और तलाश के लिहाज से अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे हादसे के बाद जहाज से इस्तेमाल किए गए सुरक्षा उपकरणों की स्थिति के बारे में जानकारी मिल सकती है। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि लाइफबोट जहाज से कब और किस स्थिति में अलग हुई तथा इसके बाद वह समुद्र में किस दिशा में बहती रही।

तलाशी अभियान के दौरान भारतीय तटरक्षक बल के जहाज ICGS वरद को एक इमरजेंसी बीकन भी मिला। जांच के बाद इस बीकन के लापता कार्गो जहाज से जुड़े होने की पुष्टि हुई है। समुद्र में आपात स्थिति के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले ऐसे उपकरण बचाव टीमों के लिए महत्वपूर्ण संकेत उपलब्ध करा सकते हैं। बीकन की बरामदगी से अधिकारियों को हादसे के संभावित स्थान और जहाज की गतिविधियों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।

MV ओशन विनर के डूबने के बाद से भारतीय एजेंसियां समुद्री क्षेत्र में लगातार निगरानी और तलाशी अभियान चला रही हैं। ऑपरेशन में समुद्री जहाजों के साथ अन्य उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। चीन के MRCC के साथ समन्वय के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तलाशी प्रयासों को सहयोग मिल रहा है। दोनों पक्षों के बीच उपलब्ध सूचनाओं का आदान-प्रदान कर लापता क्रू सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

लाइफबोट मिलने के बावजूद उसमें किसी व्यक्ति का नहीं मिलना अभियान के लिए बड़ी चुनौती है। समुद्र की धाराएं, मौसम और विशाल तलाशी क्षेत्र के कारण लापता लोगों का पता लगाना कठिन हो सकता है। ऐसे में बरामद लाइफबोट और इमरजेंसी बीकन दोनों को महत्वपूर्ण सुराग माना जा रहा है। बचाव दल इनसे मिलने वाली जानकारी के आधार पर तलाशी के क्षेत्र को और अधिक केंद्रित कर सकता है।

हादसे के कारणों को लेकर भी जांच की जरूरत है। फिलहाल प्राथमिकता लापता क्रू सदस्यों को ढूंढना और यदि संभव हो तो उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके बाद जहाज के डूबने की परिस्थितियों, उसके अंतिम संपर्क और समुद्र में उसकी स्थिति से जुड़े पहलुओं की विस्तृत जांच की जा सकती है। जहाज के संचालन, मौसम की स्थिति और हादसे से पहले उपलब्ध संचार संकेत भी जांच का हिस्सा बन सकते हैं।

समुद्र में किसी बड़े कार्गो जहाज के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद राहत और बचाव अभियान में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में हर बरामद वस्तु संभावित सुराग बन जाती है। MV ओशन विनर के नाम वाली लाइफबोट और उससे संबंधित इमरजेंसी बीकन की बरामदगी इसी लिहाज से महत्वपूर्ण है। इन दोनों वस्तुओं से यह समझने में मदद मिल सकती है कि जहाज के डूबने के बाद क्रू ने किस तरह सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया होगा।

अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती 22 लापता क्रू सदस्यों का पता लगाना है। तलाशी दल समुद्र के संभावित क्षेत्रों में अभियान जारी रखे हुए हैं। लाइफबोट के मिलने के बाद उसके आसपास के समुद्री क्षेत्र पर भी विशेष ध्यान दिया जा सकता है। साथ ही इमरजेंसी बीकन से मिले संकेतों और उसकी बरामदगी के स्थान को भी आगे की खोज के लिए उपयोगी माना जा रहा है।

भारतीय तटरक्षक बल और चीन के MRCC के संयुक्त प्रयासों से चल रहे इस अभियान में समन्वय की भूमिका महत्वपूर्ण है। समुद्री दुर्घटनाओं में अलग-अलग एजेंसियों के बीच त्वरित सूचना साझा करना और तलाशी क्षेत्र को लगातार अपडेट करना बचाव कार्य की सफलता के लिए जरूरी होता है। MV ओशन विनर मामले में भी दोनों एजेंसियां उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर अभियान को आगे बढ़ा रही हैं।

फिलहाल चार दिन बाद मिली लाइफबोट और इमरजेंसी बीकन ने तलाशी अभियान को नए सुराग जरूर दिए हैं, लेकिन 22 क्रू सदस्यों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। बचाव दल समुद्र में लगातार खोज अभियान चला रहा है। आने वाले समय में बरामद लाइफबोट, इमरजेंसी बीकन और अन्य संभावित साक्ष्यों से हादसे की परिस्थितियों और लापता क्रू सदस्यों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। फिलहाल सभी की निगाहें जारी संयुक्त सर्च ऑपरेशन के अगले अपडेट पर टिकी हैं।

Next Story