ओडिशा

पश्चिम बंगाल में लापता मछली पकड़ने वाले ट्रॉलर का पता चला, नौ मछुआरों के शव बरामद

Kavita2
13 July 2026 2:36 PM IST
पश्चिम बंगाल में लापता मछली पकड़ने वाले ट्रॉलर का पता चला, नौ मछुआरों के शव बरामद
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Odisha ओडिशा: पश्चिम बंगाल के तट पर लापता हुए मछली पकड़ने वाले एक ट्रॉलर मामले में बड़ी जानकारी सामने आई है। करीब दो सप्ताह से लापता ट्रॉलर का पता चल गया है और उसमें सवार मछुआरों में से कम से कम नौ लोगों के शव बरामद किए गए हैं। वहीं, छह अन्य मछुआरों की तलाश अब भी जारी है।

अधिकारियों के अनुसार, यह ट्रॉलर 2 जुलाई को पश्चिम बंगाल के शंकरपुर फिश लैंडिंग सेंटर से हिल्सा मछली पकड़ने के लिए समुद्र में रवाना हुआ था। ट्रॉलर में कुल 15 मछुआरे सवार थे। शुरुआती दिनों में चालक दल के सदस्यों से संपर्क बना हुआ था, लेकिन 4 जुलाई के बाद अचानक ट्रॉलर से संपर्क टूट गया।

संपर्क टूटने के बाद मछुआरों के परिवारों में चिंता बढ़ गई थी। इसके बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने ट्रॉलर की तलाश के लिए बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया। समुद्री क्षेत्र में कई दिनों तक खोज अभियान चलाया गया।

रविवार को आखिरकार लापता ट्रॉलर का पता लगाया गया। अधिकारियों ने बताया कि ट्रॉलर बक्खाली से करीब 16 किलोमीटर दूर रक्ताचर द्वीप के पास मिला। इसके बाद दक्षिण 24 परगना जिले के गोबरधनपुर पुलिस स्टेशन, वन विभाग और भारतीय तटरक्षक बल की संयुक्त टीम ने ट्रॉलर को अपने कब्जे में लिया।

ट्रॉलर को आगे की जांच और तलाशी के लिए गोबरधनपुर के सीतारामपुर लाया गया। यहां सुरक्षा एजेंसियों और बचाव दलों ने ट्रॉलर की विस्तृत जांच शुरू की।

रातभर चले तलाशी अभियान के दौरान ट्रॉलर के अंदर से नौ मछुआरों के शव बरामद किए गए। बरामद शवों को पहचान और पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया के लिए काकद्वीप सब-डिविजनल हॉस्पिटल भेजा गया है।

अधिकारियों ने बताया कि बाकी छह मछुआरों की तलाश के लिए अभियान जारी है। बचाव दल समुद्री क्षेत्र में अन्य संभावित स्थानों पर भी खोज कर रहे हैं। इस दौरान मौसम और समुद्री परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अभियान चलाया जा रहा है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद मछुआरा समुदाय में शोक की लहर फैल गई है। लापता मछुआरों के परिवार लगातार प्रशासन से अपने परिजनों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, समुद्र में मछली पकड़ने के दौरान खराब मौसम और समुद्री परिस्थितियां कई बार मछुआरों के लिए खतरा बन जाती हैं। हिल्सा मछली पकड़ने के सीजन में बड़ी संख्या में मछुआरे समुद्र में जाते हैं और कई बार उन्हें कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।

प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि ट्रॉलर के साथ आखिर क्या हुआ था। शुरुआती जानकारी के आधार पर घटना के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। जांच में मौसम, समुद्री स्थिति और ट्रॉलर की तकनीकी स्थिति जैसे पहलुओं को भी शामिल किया जा सकता है।

भारतीय तटरक्षक बल और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार अभियान में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता बाकी मछुआरों का पता लगाना है।

मृत मछुआरों के शव मिलने के बाद उनके परिवारों को सूचना देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों की जानकारी मिल सकेगी।

यह घटना पश्चिम बंगाल के समुद्री मछुआरा समुदाय के लिए एक बड़ा झटका है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।

फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है। सभी की नजरें अब उन छह मछुआरों की तलाश पर टिकी हैं, जिनके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां उम्मीद कर रही हैं कि जल्द ही बाकी लोगों के बारे में भी जानकारी मिल सकेगी।

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