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Odisha ओडिशा। ओडिशा सरकार की पहल पर आयोजित राज्य स्तरीय पुस्तक मेला का भव्य शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। इस पुस्तक मेले का उद्घाटन राज्य मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने अपनी उपस्थिति में किया। इस वर्ष मेले की थीम और टैगलाइन ‘पन्ने खोलो, सपने साकार करो’ (Open the pages, realize your dreams) रखी गई है, जो साहित्य, ज्ञान और शिक्षा के प्रति समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य कर रही है। उद्घाटन समारोह में उपस्थित साहित्यकारों, प्रकाशकों, छात्रों और पुस्तक प्रेमियों को संबोधित करते हुए मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने कहा कि यह पुस्तक मेला ओडिशा की समृद्ध साहित्यिक परंपरा और संस्कृति को नई दिशा देने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि ओडिशा की साहित्यिक विरासत सदियों पुरानी है और इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मंत्री ने कहा, “मैं मानता हूं कि यह आयोजन ओड़िया साहित्य को बढ़ावा देने, हमारी साहित्यिक धरोहर को संरक्षित करने और भविष्य की पीढ़ियों को जागरूक बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल युग में भी किताबों का महत्व कम नहीं हुआ है, बल्कि पुस्तकें अभी भी ज्ञान का सबसे विश्वसनीय और सहज माध्यम हैं। मेले में ओडिशा और देशभर के लगभग सभी प्रमुख प्रकाशकों ने अपने स्टॉल लगाए हैं। विभिन्न साहित्यिक संस्थानों, शैक्षणिक संगठनों और विश्वविद्यालयों ने भी सक्रिय भागीदारी दिखाई है। यहां ओड़िया साहित्य के साथ-साथ हिंदी, अंग्रेजी और अन्य भारतीय भाषाओं के साहित्य की विशाल श्रृंखला उपलब्ध कराई गई है।
पुस्तक मेले में बच्चों के लिए भी विशेष सेक्शन बनाए गए हैं, जहां कहानी-कविता सत्र, क्विज़, रीडिंग वर्कशॉप और इंटरैक्टिव गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। मंत्री सूरज ने बच्चों के स्टॉल का निरीक्षण करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी में पढ़ने की आदत विकसित करना सबसे बड़ी सांस्कृतिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक मेला न केवल पठन-पाठन को बढ़ावा देगा, बल्कि बौद्धिक और रचनात्मक विकास के लिए एक मजबूत मंच भी साबित होगा। मेले में ओडिशा की सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े साहित्य की विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है। यहां पारंपरिक लोककथाओं, इतिहास, कला और संस्कृति पर आधारित पुस्तकों का संग्रह पाठकों को ओडिशा की मूल जड़ों से जोड़ने का अवसर प्रदान कर रहा है।
आयोजकों ने बताया कि पुस्तक मेले के दौरान विभिन्न साहित्यिक कार्यक्रम, काव्य पाठ, लेखकों से संवाद, पुस्तक विमोचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन पूरे सप्ताहभर किया जाएगा। उम्मीद है कि हजारों की संख्या में लोग इस मेले में पहुंचकर साहित्यिक वातावरण का आनंद लेंगे। मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने कहा कि पढ़ने की आदत व्यक्तित्व निर्माण करती है। उन्होंने ओडिशा के युवाओं से अपील की कि वे साहित्य से जुड़े, स्थानीय भाषा और संस्कृति को समझें और समाज को ज्ञान-समृद्ध बनाने में योगदान दें। राज्य स्तरीय पुस्तक मेला आने वाले दिनों में ओडिशा की साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करने वाला साबित होगा। यह आयोजन न केवल किताबों का उत्सव है, बल्कि ओड़िया भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में बड़ा कदम भी है।
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