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Bhubaneswar भुवनेश्वर: नगर निगम (BMC) की मेयर सुलोचना दास ने सोमवार को शहर में बढ़ती वायु प्रदूषण समस्या और खराब AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर और उसके आसपास के 7-8 इलाके ऐसे हैं जहां वायु गुणवत्ता “बहुत खराब” स्तर पर पहुंच गई है। मेयर ने मुख्य कारणों में खनन और निर्माण गतिविधियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "जो लोग निर्माण कार्य कर रहे हैं, उन्हें सरकार द्वारा जारी की गई पर्यावरण और निर्माण संबंधी गाइडलाइंस का पालन करना होगा।" उन्होंने यह भी जोर दिया कि नियमों का पालन न करने वाले कार्यों से शहर की वायु गुणवत्ता और स्वास्थ्य दोनों पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।
सुलोचना दास ने नगर निगम द्वारा हरी पहल को आगे बढ़ाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि BMC लगातार खाली जगहों पर पेड़-पौधे लगा रहा है और नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने आसपास और निजी आवासों में भी ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाएं। उनका कहना था कि इससे न केवल हवा की शुद्धता बढ़ेगी, बल्कि शहर का पारिस्थितिक संतुलन भी बेहतर होगा। इसके अलावा, मेयर ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के उपयोग को बढ़ावा देने की योजना साझा की। उन्होंने कहा कि सरकार EV वाहनों को प्रोत्साहित कर रही है और लोगों से अपील की कि वे निजी वाहन की बजाय सार्वजनिक परिवहन का अधिकतम उपयोग करें। उनका कहना था कि सार्वजनिक परिवहन और ई-वाहनों के उपयोग से शहर में वाहनों से होने वाले धुंध और प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
भुवनेश्वर में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता व्यक्त करते हुए सुलोचना दास ने कहा, "हमारा लक्ष्य है कि शहर को स्वच्छ और हरित बनाए रखा जाए। इसके लिए सभी नागरिकों का सहयोग आवश्यक है। सिर्फ प्रशासन की कोशिशें पर्याप्त नहीं हैं, जनता की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। मेयर ने यह भी बताया कि BMC नियमित रूप से AQI की निगरानी कर रही है और प्रदूषण कम करने के लिए ठोस कदम उठा रही है। इसके तहत निर्माण स्थलों की निगरानी, धूल नियंत्रण, और ट्रैफिक प्रबंधन जैसे उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर भी पर्यावरण संरक्षण के प्रयास किए जाएं।
सुलोचना दास का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भुवनेश्वर में ठंड और धूल मिलकर वायु गुणवत्ता को और खराब कर रही है। उन्होंने नागरिकों से विशेष रूप से स्वास्थ्य का ध्यान रखने, घरों और कार्यस्थलों में शुद्ध वायु यंत्रों का इस्तेमाल करने और बच्चों व बुजुर्गों को प्रदूषण वाले क्षेत्रों से दूर रखने की भी सलाह दी। मेयर ने अंत में दोहराया कि हरी पहल, EV वाहन, और सार्वजनिक परिवहन के बढ़ते उपयोग से शहर के वायु प्रदूषण को कम किया जा सकता है और भुवनेश्वर को एक स्वस्थ और सुरक्षित नगर बनाया जा सकता है।
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