
जयपुर। ओडिशा के जयपुर में गुरुवार देर रात श्री बिक्रम गवर्नमेंट स्कूल ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट्स में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग मुख्य रूप से स्कूल के कंप्यूटर रूम में फैली, जिससे वहां रखे कई कंप्यूटर और अन्य जरूरी सामान जलकर क्षतिग्रस्त हो गए। शुरुआती आकलन में पांच लाख रुपये से अधिक के नुकसान की बात सामने आई है। हालांकि वास्तविक नुकसान का पता विस्तृत जांच और आकलन के बाद ही चल सकेगा।
जानकारी के मुताबिक घटना गुरुवार देर रात की है। स्कूल परिसर में उस समय सामान्य गतिविधियां बंद थीं और ड्यूटी पर मौजूद नाइट वॉचमैन ने सबसे पहले आग को देखा। कमरे से धुआं और आग की लपटें दिखाई देने के बाद उसने तुरंत स्कूल के अधिकारियों को घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलने के बाद स्कूल के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। हालात को देखते हुए फायर सर्विस विभाग को सूचना दी गई। कुछ ही समय बाद दमकलकर्मी स्कूल पहुंचे और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पा लिया गया और इसे परिसर के दूसरे हिस्सों तक फैलने से रोक दिया गया।
हालांकि दमकलकर्मियों के पहुंचने और आग बुझाए जाने तक कंप्यूटर रूम में रखा काफी सामान आग की चपेट में आ चुका था। कई कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जल गए। कमरे में मौजूद अन्य जरूरी सामान को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी है।
प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। आशंका जताई गई है कि लगातार बारिश के कारण पानी इलेक्ट्रिकल बोर्ड में प्रवेश कर गया होगा, जिसके चलते शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
इलाके में लगातार बारिश होने के कारण बिजली से जुड़े उपकरणों और वायरिंग में नमी पहुंचने की आशंका बनी रहती है। यदि पानी किसी खुले तार, इलेक्ट्रिकल बोर्ड या दूसरे बिजली उपकरण के संपर्क में आ जाए तो शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ सकता है। स्कूल में हुई घटना के मामले में भी इसी संभावना की जांच किए जाने की उम्मीद है।
आग की सूचना समय पर मिलने से बड़ी दुर्घटना टल गई। नाइट वॉचमैन की नजर यदि आग पर देर से पड़ती तो लपटें स्कूल के अन्य कमरों तक भी फैल सकती थीं। स्कूल में लकड़ी, कागज, फर्नीचर और दूसरे सामान मौजूद होने के कारण आग तेजी से फैलने का खतरा था।
घटना रात के समय होने के कारण स्कूल में विद्यार्थी मौजूद नहीं थे। इससे किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। आग से मुख्य रूप से संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। कंप्यूटर रूम में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जलने के कारण स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियों पर कुछ समय के लिए असर पड़ सकता है।
स्कूल ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट्स में कंप्यूटर का इस्तेमाल विद्यार्थियों की पढ़ाई, डिजाइन और दूसरे शैक्षणिक कार्यों के लिए किया जाता है। ऐसे में उपकरणों के क्षतिग्रस्त होने के बाद उनकी मरम्मत या नए उपकरण उपलब्ध कराने की जरूरत पड़ सकती है। नुकसान का विस्तृत आकलन होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि कितने कंप्यूटर पूरी तरह नष्ट हुए हैं और कितने उपकरणों की मरम्मत संभव है।
शुरुआती आकलन के अनुसार आग से पांच लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। इसमें कंप्यूटर, बिजली से जुड़े उपकरण और कमरे में रखा अन्य सामान शामिल बताया जा रहा है। स्कूल प्रशासन द्वारा प्रत्येक क्षतिग्रस्त उपकरण की सूची तैयार किए जाने के बाद नुकसान की वास्तविक राशि सामने आ सकेगी।
आग बुझाए जाने के बाद कंप्यूटर रूम और आसपास के हिस्सों का निरीक्षण भी महत्वपूर्ण होगा। आग से बिजली की वायरिंग, दीवारों, छत और अन्य संरचनाओं को कितना नुकसान पहुंचा है, इसका तकनीकी आकलन किया जा सकता है। इसके बाद ही प्रभावित कमरे का दोबारा सुरक्षित तरीके से उपयोग शुरू किया जा सकेगा।
घटना के बाद स्कूल परिसर में बिजली व्यवस्था की जांच की जरूरत भी सामने आई है। यदि प्रारंभिक आशंका के अनुसार इलेक्ट्रिकल बोर्ड में बारिश का पानी घुसने से शॉर्ट सर्किट हुआ है तो यह पता लगाना जरूरी होगा कि पानी अंदर कैसे पहुंचा। भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए वायरिंग और इलेक्ट्रिकल बोर्ड की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी पड़ सकती है।
लगातार बारिश के मौसम में स्कूलों, सरकारी कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक भवनों में बिजली उपकरणों की सुरक्षा महत्वपूर्ण हो जाती है। पुराने या खुले बिजली बोर्ड, क्षतिग्रस्त तार और पानी के रिसाव वाले स्थानों पर शॉर्ट सर्किट का खतरा अधिक रहता है। इसलिए नियमित निरीक्षण और समय पर मरम्मत से ऐसी घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
श्री बिक्रम गवर्नमेंट स्कूल ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट्स में हुई इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित हिस्से को सुरक्षित करना और नुकसान का पूरा आकलन करना है। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि आग से विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई और कंप्यूटर से संबंधित गतिविधियां कितनी प्रभावित हुई हैं।
दमकल विभाग की कार्रवाई के कारण आग को स्कूल के दूसरे हिस्सों में फैलने से रोक लिया गया। यदि आग आसपास के अन्य कमरों तक पहुंच जाती तो नुकसान कहीं अधिक हो सकता था। रात में समय रहते घटना की जानकारी मिलने और अधिकारियों के सक्रिय होने से स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिली।
फिलहाल आग लगने का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले इसे अंतिम कारण नहीं माना जा सकता। संबंधित अधिकारी घटनास्थल और बिजली व्यवस्था की जांच कर वास्तविक वजह का पता लगाएंगे।
स्कूल प्रशासन भी जले हुए सामान और उपकरणों की विस्तृत सूची तैयार कर सकता है। प्रारंभिक अनुमान पांच लाख रुपये से अधिक के नुकसान का है, लेकिन अंतिम आंकड़ा जांच के बाद सामने आएगा। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है।





