
भुवनेश्वर: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में शुक्रवार तड़के एक बड़ा अग्निकांड सामने आया। शहर के व्यस्त राजमहल स्क्वायर के पास स्थित श्रीलेदर्स के शोरूम में अचानक आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सुबह के समय शोरूम से उठते घने धुएं को देखकर स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना अग्निशमन विभाग को दी। सूचना मिलते ही फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुंचीं और कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। समय रहते की गई कार्रवाई से आग को आसपास की इमारतों तक फैलने से रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह लगभग 5 बजे लोगों ने राजमहल स्क्वायर के पास स्थित श्रीलेदर्स शोरूम से धुआं निकलते देखा। कुछ ही देर में धुएं का गुबार तेज हो गया और शोरूम के अंदर आग फैलने लगी। स्थानीय लोगों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत अग्निशमन विभाग और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही फायर सर्विस की पहली टीम घटनास्थल पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। शुरुआती आकलन में यह स्पष्ट हो गया कि आग ने शोरूम के अंदर मौजूद बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामान को अपनी चपेट में ले लिया है। इसके चलते आग तेजी से फैल रही थी और उसे नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता महसूस हुई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अग्निशमन विभाग ने तुरंत अन्य फायर स्टेशनों से भी दमकल वाहनों और कर्मचारियों को बुलाया। इसके बाद कई दमकल गाड़ियों और प्रशिक्षित कर्मियों ने संयुक्त रूप से आग बुझाने का अभियान चलाया। लगातार पानी की बौछार और अन्य अग्निशमन उपकरणों की मदद से आग को धीरे-धीरे नियंत्रित किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, फायर ब्रिगेड की टीमों ने सबसे पहले आग को शोरूम के भीतर सीमित करने का प्रयास किया ताकि वह आसपास स्थित अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और इमारतों तक न पहुंचे। राजमहल स्क्वायर शहर का व्यस्त व्यावसायिक इलाका है, जहां कई दुकानें और प्रतिष्ठान एक-दूसरे के करीब स्थित हैं। ऐसे में आग के फैलने की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती गई।
अग्निशमन कर्मियों की त्वरित कार्रवाई का परिणाम रहा कि आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि आग को पूरी तरह बुझाने के बाद भी काफी समय तक शीतलन (कूलिंग) का कार्य जारी रखा गया, ताकि भीतर कहीं भी सुलगती चिंगारी दोबारा आग का रूप न ले सके।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना के समय शोरूम बंद था, इसलिए किसी कर्मचारी या ग्राहक के अंदर मौजूद होने की सूचना नहीं है। फिलहाल इस घटना में किसी के घायल होने या जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है। हालांकि, शोरूम के भीतर रखे जूते, चमड़े के उत्पाद, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामान को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। नुकसान का वास्तविक आकलन विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा।
आग लगने के कारणों का फिलहाल आधिकारिक रूप से पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक स्तर पर शॉर्ट सर्किट सहित विभिन्न संभावित कारणों की जांच की जा रही है। अग्निशमन विभाग और संबंधित एजेंसियां घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटा रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी।
पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था संभाली और आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया। एहतियात के तौर पर शोरूम के आसपास का इलाका कुछ समय के लिए घेर लिया गया, ताकि राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। स्थानीय प्रशासन ने भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय अचानक शोरूम से निकलता घना धुआं देखकर लोग घबरा गए। कुछ लोगों ने बताया कि आग बढ़ने से पहले धुएं की मात्रा काफी अधिक थी, जिसके कारण आसपास का क्षेत्र कुछ समय तक धुएं से भर गया। हालांकि, दमकल विभाग की समय पर कार्रवाई के कारण स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई।
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। नियमित रूप से बिजली की वायरिंग की जांच, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास व्यवस्था तथा फायर सेफ्टी ऑडिट जैसी व्यवस्थाएं संभावित हादसों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन प्रतिष्ठानों में बड़ी मात्रा में चमड़ा, प्लास्टिक, पैकेजिंग सामग्री या अन्य ज्वलनशील वस्तुएं रखी जाती हैं, वहां आग लगने का जोखिम अपेक्षाकृत अधिक होता है। इसलिए ऐसे स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाना आवश्यक है।
फिलहाल प्रशासन ने आग पर पूरी तरह काबू पाने की पुष्टि की है। अब अग्निशमन विभाग और संबंधित जांच एजेंसियां घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर रही हैं। साथ ही शोरूम को हुए आर्थिक नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा उपायों के प्रभावी पालन की आवश्यकता को रेखांकित किया है।





