
भुवनेश्वर। ओडिशा पुलिस ने लापता महिलाओं और बच्चों की तलाश के लिए चलाए गए विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार, इस साल जनवरी से जून के बीच चलाए गए अभियान के दौरान कुल 17,590 लापता महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित बरामद कर उनके परिवारों से मिलाया गया।
रविवार को जारी आधिकारिक बयान में पुलिस ने बताया कि बरामद किए गए लोगों में 12,177 महिलाएं और 5,413 बच्चे शामिल हैं। यह अभियान लापता लोगों की खोज, मानव तस्करी की रोकथाम और कमजोर वर्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चलाया गया था।
छह महीने तक चला विशेष अभियान
ओडिशा पुलिस ने बताया कि जनवरी से जून 2026 के बीच विभिन्न जिलों में विशेष टीमों ने लापता महिलाओं और बच्चों की तलाश के लिए अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने स्थानीय स्तर पर जांच, तकनीकी सहायता और विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर लोगों को खोजा।
अभियान का उद्देश्य उन परिवारों को राहत पहुंचाना था, जिनके सदस्य लंबे समय से लापता थे। पुलिस टीमों ने बरामद किए गए लोगों की पहचान सुनिश्चित करने के बाद उन्हें सुरक्षित तरीके से उनके परिजनों तक पहुंचाया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के अभियान आगे भी जारी रखे जाएंगे ताकि लापता लोगों की संख्या को कम किया जा सके और मानव तस्करी जैसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
पुरी जिले में सबसे अधिक महिलाओं की बरामदगी
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, महिलाओं की सबसे अधिक बरामदगी पुरी जिले से हुई। यहां से 3,713 महिलाओं को बचाया गया। इसके बाद जाजपुर जिले से 820 और गंजाम जिले से 581 महिलाओं को सुरक्षित बरामद किया गया।
पुलिस ने बताया कि महिलाओं के लापता होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें पारिवारिक परिस्थितियां, रोजगार से जुड़े कारण, सामाजिक समस्याएं और अपराध से जुड़े मामले शामिल हैं। इसलिए हर मामले की अलग-अलग तरीके से जांच की गई।
बच्चों की बरामदगी में भी पुरी आगे
अभियान के दौरान बच्चों की बरामदगी के मामले में भी पुरी जिला सबसे आगे रहा। यहां से 1,161 बच्चों को खोजकर परिवारों तक पहुंचाया गया।
इसके बाद भुवनेश्वर शहरी पुलिस जिले से 399 और मयूरभंज जिले से 278 बच्चों को बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई और उनकी तलाश के लिए अलग-अलग स्तर पर प्रयास किए गए।
मानव तस्करी रोकने पर विशेष ध्यान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लापता महिलाओं और बच्चों की तलाश के साथ-साथ मानव तस्करी के नेटवर्क पर भी नजर रखी जा रही है। कई मामलों में लापता लोगों को अपराधी गिरोहों के चंगुल से छुड़ाने के लिए विशेष कार्रवाई की गई।
अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अभियानों में पुलिस के साथ-साथ आम लोगों का सहयोग भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी समय पर मिलने से कई लोगों को बचाया जा सकता है।
परिवारों को मिली राहत
लंबे समय से अपने लापता परिजनों की तलाश कर रहे परिवारों के लिए यह अभियान बड़ी राहत लेकर आया। पुलिस द्वारा सुरक्षित बरामदगी के बाद कई परिवारों में खुशी लौट सकी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति लापता होता है तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित थाने में दें। शुरुआती समय में सूचना मिलने से तलाश और बचाव की संभावना बढ़ जाती है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
ओडिशा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि लापता महिलाओं और बच्चों की तलाश के लिए इस तरह के अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे। पुलिस का लक्ष्य है कि प्रत्येक लापता व्यक्ति को सुरक्षित वापस लाया जाए और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
छह महीने में 17 हजार से अधिक लोगों को बचाने की यह कार्रवाई राज्य में पुलिस की सक्रियता और समन्वित प्रयासों को दर्शाती है। अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए लगातार नए कदम उठाए जा रहे हैं।





