
Odisha ओडिशा: विजिलेंस विभाग ने मलकानगिरी जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कोरापुट सेंट्रल को-ऑपरेटिव (KCC) बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी को सरकारी फंड के गबन के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी पर 1 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया गया है।
गिरफ्तार किए गए अधिकारी की पहचान मलकानगिरी स्थित KCC बैंक शाखा के ब्रांच मैनेजर सुधांशु खोरा के रूप में हुई है। विजिलेंस जांच के अनुसार, खोरा पर 1.08 करोड़ रुपये के सरकारी फंड के गलत इस्तेमाल का आरोप है। यह राशि किसानों से जुड़े फसल ऋण की वसूली के बाद बैंक के पास जमा हुई थी।
जानकारी के अनुसार, यह धनराशि मलकानगिरी जिले की पांच लार्ज एरिया मल्टीपर्पस को-ऑपरेटिव सोसाइटी (LAMPCS) से जुड़े किसानों से फसल ऋण की रिकवरी के माध्यम से इकट्ठा की गई थी। आरोप है कि बैंक में जमा इस सरकारी फंड का सही तरीके से उपयोग करने के बजाय उसका दुरुपयोग किया गया, जिससे वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया।
मामले के सामने आने के बाद ओडिशा विजिलेंस विभाग ने तुरंत जांच शुरू की और प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर ब्रांच मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसियों का कहना है कि बैंकिंग रिकॉर्ड और फंड ट्रांजैक्शन की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि राशि किस तरीके से और किन खातों में ट्रांसफर की गई।
इस मामले में कोरापुट विजिलेंस पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण (PC Amendment Act, 2018) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दो अलग-अलग केस दर्ज किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे और भी लोगों की भूमिका की जांच की जा सकती है।
विजिलेंस विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी बैंक अधिकारी को जल्द ही विजिलेंस कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके साथ ही विभाग यह भी जांच कर रहा है कि क्या इस घोटाले में किसी अन्य कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता है।
इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर सहकारी बैंकिंग प्रणाली और किसानों से जुड़े फंड की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं ग्रामीण वित्तीय व्यवस्था की पारदर्शिता पर असर डालती हैं और सख्त निगरानी की आवश्यकता को दर्शाती हैं।
फिलहाल, विजिलेंस टीम पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और बैंकिंग दस्तावेजों की फॉरेंसिक ऑडिट भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद और भी महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं।





