ओडिशा

जगन्नाथ मंदिर में दिव्यांग भक्तों के लिए बड़ी सुविधा, ऑनलाइन बुकिंग से होंगे दर्शन

Kavita2
25 Oct 2026 1:58 PM IST
जगन्नाथ मंदिर में दिव्यांग भक्तों के लिए बड़ी सुविधा, ऑनलाइन बुकिंग से होंगे दर्शन
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पुरी। ओडिशा के पुरी स्थित विश्वप्रसिद्ध श्रीजगन्नाथ मंदिर में दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था को अधिक सुगम बनाने की तैयारी की जा रही है। महाप्रभु श्रीजगन्नाथ के दर्शन के लिए आने वाले दिव्यांग भक्तों को अब विशेष सुविधा उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसके तहत ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग के माध्यम से प्रतिदिन 20 दिव्यांग श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिलेगा। हालांकि एक श्रद्धालु छह महीने की अवधि में केवल एक बार ही इस सुविधा का लाभ उठा सकेगा। शुरुआती चरण में इसे प्रायोगिक आधार पर शुरू किया जाएगा और कार्तिक मास समाप्त होने के बाद लागू किए जाने की संभावना है।

इस संबंध में श्रीमंदिर कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर एवं श्रीमंदिर के उप मुख्य प्रशासक दिव्यज्योति परिड़ा ने की। बैठक में दिव्यांग भक्तों के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया गया।

दिव्यांग श्रद्धालुओं को मिलेगी विशेष सुविधा

पुरी के श्रीजगन्नाथ मंदिर में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इनमें बुजुर्ग और दिव्यांग भक्त भी शामिल होते हैं।

भीड़भाड़ के दौरान दिव्यांग श्रद्धालुओं को दर्शन करने में कई तरह की व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन विशेष दर्शन व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रहा है।

इस पहल का उद्देश्य दिव्यांग भक्तों को अधिक व्यवस्थित तरीके से महाप्रभु के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराना है।

नई व्यवस्था में ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग को शामिल किया जाएगा, जिससे निर्धारित संख्या में श्रद्धालु सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

प्रतिदिन 20 भक्त कर सकेंगे दर्शन

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत हर दिन 20 दिव्यांग श्रद्धालुओं को विशेष दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

इसके लिए श्रद्धालुओं को ऑनलाइन स्लॉट बुक करना होगा।

स्लॉट बुकिंग के माध्यम से दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या पहले से निर्धारित की जा सकेगी।

इससे मंदिर प्रशासन को विशेष सुविधा के संचालन में सहायता मिलने की उम्मीद है।

हालांकि ऑनलाइन बुकिंग के लिए किस वेबसाइट या पोर्टल का उपयोग किया जाएगा, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

बुकिंग की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में भी आगे जानकारी जारी किए जाने की संभावना है।

छह महीने में एक बार मिलेगा अवसर

नई व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण नियम भी निर्धारित किया गया है।

इसके अनुसार, कोई भी दिव्यांग श्रद्धालु छह महीने की अवधि में केवल एक बार ही विशेष दर्शन सुविधा का लाभ उठा सकेगा।

इस नियम का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र श्रद्धालुओं को सुविधा का अवसर उपलब्ध कराना हो सकता है।

प्रतिदिन सीमित संख्या में स्लॉट होने के कारण यह व्यवस्था अलग-अलग श्रद्धालुओं को लाभ देने में सहायक हो सकती है।

हालांकि यह सीमा विशेष ऑनलाइन दर्शन सुविधा पर लागू होगी। सामान्य दर्शन के संबंध में किसी नए प्रतिबंध की जानकारी नहीं दी गई है।

कार्तिक मास के बाद लागू होने की संभावना

मंदिर प्रशासन इस व्यवस्था को शुरुआती चरण में प्रायोगिक तौर पर लागू करने की तैयारी कर रहा है।

जानकारी के अनुसार, कार्तिक मास समाप्त होने के बाद विशेष दर्शन सुविधा शुरू किए जाने की संभावना है।

हालांकि इसके लिए अभी कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है।

प्रायोगिक चरण में व्यवस्था के संचालन से जुड़ी व्यावहारिक परिस्थितियों का आकलन किया जा सकेगा।

इस दौरान ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग और दर्शन प्रबंधन से संबंधित अनुभव भी महत्वपूर्ण होंगे।

यदि किसी प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता महसूस होती है, तो प्रशासन भविष्य में बदलाव पर विचार कर सकता है।

जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक

दिव्यांग भक्तों के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था शुरू करने का निर्णय श्रीमंदिर कार्यालय में आयोजित बैठक में लिया गया।

बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर एवं श्रीमंदिर के उप मुख्य प्रशासक दिव्यज्योति परिड़ा ने की।

इस दौरान दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन स्लॉट आधारित दर्शन सुविधा लागू करने पर निर्णय हुआ।

मंदिर प्रशासन की यह पहल श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

हालांकि बैठक में शामिल अन्य अधिकारियों और विस्तृत कार्ययोजना की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

ऑनलाइन बुकिंग से आसान होगा प्रबंधन

विशेष दर्शन के लिए ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था लागू होने से श्रद्धालुओं को पहले से अपनी यात्रा की योजना बनाने में मदद मिल सकती है।

निर्धारित स्लॉट मिलने पर भक्त अपने दर्शन का समय जान सकेंगे।

इससे विशेष सुविधा का लाभ लेने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का प्रबंधन भी आसान हो सकता है।

हालांकि स्लॉट किस समय उपलब्ध होंगे और बुकिंग कितने दिन पहले करनी होगी, इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।

इसी तरह स्लॉट की पुष्टि, पहचान सत्यापन और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के बारे में भी आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी होना बाकी हैं।

दिव्यांग भक्तों की जरूरतों पर ध्यान

धार्मिक स्थलों पर दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए सुगम व्यवस्था उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।

कई श्रद्धालुओं को लंबी दूरी तक चलने, सीढ़ियां चढ़ने या भीड़ में खड़े रहने में परेशानी हो सकती है।

ऐसे में विशेष दर्शन व्यवस्था उन्हें अधिक सुविधाजनक अनुभव देने में सहायक हो सकती है।

हालांकि नई योजना के तहत व्हीलचेयर, सहायक कर्मचारी या अलग प्रवेश मार्ग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी या नहीं, इसकी जानकारी अभी नहीं दी गई है।

इन पहलुओं पर स्पष्ट दिशा-निर्देश आने के बाद व्यवस्था का पूरा स्वरूप सामने आएगा।

देशभर से पहुंचते हैं श्रद्धालु

पुरी का श्रीजगन्नाथ मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है।

महाप्रभु श्रीजगन्नाथ के दर्शन के लिए ओडिशा के अलावा विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु यहां आते हैं।

धार्मिक मान्यता और आस्था के कारण मंदिर में सालभर भक्तों की आवाजाही बनी रहती है।

कार्तिक मास जैसे धार्मिक अवसरों पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

ऐसे में दिव्यांग भक्तों के लिए अलग सुविधा विकसित करना मंदिर प्रबंधन की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

प्रायोगिक व्यवस्था के परिणाम होंगे महत्वपूर्ण

शुरुआती चरण में प्रतिदिन 20 श्रद्धालुओं को विशेष दर्शन की सुविधा देने की योजना है।

प्रायोगिक व्यवस्था लागू होने के बाद इसके संचालन से जुड़े अनुभव सामने आएंगे।

इससे यह समझने में मदद मिल सकती है कि ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली कितनी प्रभावी है और दिव्यांग भक्तों को कितनी सुविधा मिल रही है।

हालांकि भविष्य में प्रतिदिन उपलब्ध स्लॉट की संख्या बढ़ाई जाएगी या नहीं, इस संबंध में कोई निर्णय सामने नहीं आया है।

मंदिर प्रशासन की आगामी घोषणाओं से योजना की विस्तृत जानकारी स्पष्ट होगी।

भक्तों को आधिकारिक घोषणा का इंतजार

पुरी श्रीजगन्नाथ मंदिर में दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए प्रस्तावित विशेष दर्शन व्यवस्था से भक्तों को राहत मिलने की उम्मीद है।

नई योजना के अनुसार, प्रतिदिन 20 दिव्यांग श्रद्धालु ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग के जरिए विशेष दर्शन कर सकेंगे।

एक श्रद्धालु छह महीने में केवल एक बार इस सुविधा का लाभ ले सकेगा।

जिला कलेक्टर दिव्यज्योति परिड़ा की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस व्यवस्था को प्रायोगिक तौर पर शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

अब श्रद्धालुओं को योजना की आधिकारिक शुरुआत, ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया और अन्य दिशा-निर्देशों की घोषणा का इंतजार रहेगा।

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