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ओडिशा विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, असिस्टेंट डायरेक्टर के ठिकानों से चार इमारतें, फ्लैट और 24 प्लॉट मिले

Kavita2
29 Sept 2026 5:13 PM IST
ओडिशा विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, असिस्टेंट डायरेक्टर के ठिकानों से चार इमारतें, फ्लैट और 24 प्लॉट मिले
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भुवनेश्वर। ओडिशा विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति के आरोप में संबलपुर में फैक्ट्रीज़ और बॉयलर्स विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर उमाकांत सामंतराय से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान विजिलेंस टीम को चार बहुमंजिला इमारतें, एक 3-BHK फ्लैट और 24 महंगी जमीनें यानी प्लॉट मिलने का दावा किया गया है। विजिलेंस के अनुसार अब तक सामने आई संपत्तियां सामंतराय और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर पंजीकृत बताई जा रही हैं।

यह कार्रवाई उमाकांत सामंतराय के पास उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से कथित रूप से अधिक संपत्ति होने के आरोपों के बाद की गई। विजिलेंस अधिकारियों ने अलग-अलग स्थानों पर मौजूद संपत्तियों और उनसे जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू की है। तलाशी के दौरान मिली चल-अचल संपत्तियों का मूल्यांकन किया जा रहा है।

विजिलेंस के अनुसार भुवनेश्वर के नंदनकानन रोड स्थित नंदन विहार इलाके में करीब 2,900 वर्ग फुट क्षेत्रफल का एक डुप्लेक्स मिला है। इस संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में लिए गए हैं।

इसके अलावा भुवनेश्वर में जटनी के पास बाराकुडा क्षेत्र में इंडस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के निकट करीब 2,460 वर्ग फुट क्षेत्र में बनी एक इमारत का पता चला है। विजिलेंस की टीम इस संपत्ति के स्वामित्व और खरीद से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

पुरी जिले में भी तलाशी के दौरान एक बड़ी संपत्ति मिलने की जानकारी सामने आई है। विजिलेंस अधिकारियों को बालीगुआली के टोटा बेहरा साही में करीब 4,000 वर्ग फुट क्षेत्रफल की तीन मंजिला इमारत मिली है। इस इमारत का विवरण भी जब्त दस्तावेजों और रिकॉर्ड में शामिल किया गया है।

खुर्दा जिले के बालूगांव में सुभाष मार्ग पर करीब 4,000 वर्ग फुट क्षेत्र में बनी दो मंजिला इमारत भी जांच के दौरान सामने आई है। विजिलेंस का कहना है कि इस संपत्ति के स्वामित्व और इसे हासिल करने के स्रोतों की जांच की जा रही है।

इसके अलावा एक 3-BHK फ्लैट का भी पता लगाया गया है। हालांकि इस फ्लैट की पूरी लोकेशन और कीमत से जुड़ा विवरण अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। विजिलेंस ने इसे भी सामंतराय और उनके परिवार से जुड़ी संपत्तियों की सूची में शामिल किया है।

सबसे अधिक ध्यान 24 महंगे प्लॉट पर है। ये जमीनें अलग-अलग स्थानों पर बताई जा रही हैं। विजिलेंस इन प्लॉटों की खरीद, रजिस्ट्री, बाजार मूल्य और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि इन संपत्तियों को खरीदने के लिए इस्तेमाल की गई रकम का स्रोत क्या था और क्या यह सामंतराय की वैध आय से मेल खाता है।

विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार आय से अधिक संपत्ति के मामलों में सरकारी कर्मचारी की कुल आय, वैध बचत, खर्च और संपत्तियों की तुलना की जाती है। इसी आधार पर यह तय किया जाता है कि संपत्ति ज्ञात स्रोतों से अधिक है या नहीं।

तलाशी के दौरान संपत्तियों के अलावा बैंक खातों, निवेश, बीमा, लॉकर और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है। फिलहाल विजिलेंस ने जो जानकारी साझा की है, उसमें चार बड़ी इमारतों, एक फ्लैट और 24 प्लॉट का प्रमुख रूप से उल्लेख किया गया है।

विजिलेंस की टीमें अलग-अलग स्थानों पर मिले दस्तावेजों का मिलान कर रही हैं। यह भी देखा जा रहा है कि परिवार के किन सदस्यों के नाम पर कौन-कौन सी संपत्तियां दर्ज हैं।

जांच एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इन संपत्तियों की खरीद कब हुई और उस समय सामंतराय की आय कितनी थी। यदि खरीद राशि और ज्ञात आय के बीच बड़ा अंतर पाया जाता है तो यह जांच का अहम बिंदु बन सकता है।

नंदन विहार स्थित डुप्लेक्स, बाराकुडा की इमारत, पुरी की तीन मंजिला इमारत और बालूगांव की दो मंजिला इमारत फिलहाल जांच में सामने आई प्रमुख संपत्तियों में शामिल हैं।

इनमें से कुछ संपत्तियां बड़े शहरी और अर्धशहरी क्षेत्रों में स्थित हैं, जिसके कारण उनका बाजार मूल्य भी काफी अधिक हो सकता है। हालांकि विजिलेंस ने अभी इनकी अंतिम कीमत सार्वजनिक नहीं की है।

जांच के दौरान जमीनों के दस्तावेजों की भी विस्तार से जांच की जा रही है। 24 प्लॉट कहां-कहां स्थित हैं, उनके कुल क्षेत्रफल और वर्तमान कीमत का आकलन भी आगे किया जाएगा।

विजिलेंस की कार्रवाई के बाद उमाकांत सामंतराय की वित्तीय स्थिति से जुड़े पुराने रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। उनके वेतन, बैंक लेन-देन और अन्य घोषित आय स्रोतों का मिलान संपत्तियों से किया जाएगा।

आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच पूरी होने से पहले केवल बरामद संपत्तियों के आधार पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जाता। संबंधित अधिकारी को भी अपनी संपत्तियों और आय के स्रोतों के बारे में स्पष्टीकरण देने का अवसर मिलता है।

फिलहाल उमाकांत सामंतराय के खिलाफ आरोप जांच के स्तर पर हैं। विजिलेंस की जांच और संपत्तियों के मूल्यांकन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि उनकी कुल संपत्ति और ज्ञात आय के बीच कितना अंतर है।

इस कार्रवाई में सामने आई संपत्तियों की संख्या ने मामले को महत्वपूर्ण बना दिया है। चार बहुमंजिला इमारतें, एक 3-BHK फ्लैट और 24 प्लॉट मिलने के दावे के बाद जांच का दायरा भी बढ़ गया है।

विजिलेंस अब दस्तावेजों के सत्यापन के साथ इन संपत्तियों की वास्तविक कीमत तय करने में जुटी है। इसके लिए संबंधित राजस्व और पंजीयन रिकॉर्ड भी देखे जा सकते हैं।

जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि किसी संपत्ति की खरीद में ऋण या वैध निवेश का इस्तेमाल हुआ था या नहीं। यदि ऐसा कोई स्रोत सामने आता है तो उसे भी कुल आय के आकलन में शामिल किया जाएगा।

भुवनेश्वर, पुरी और खुर्दा सहित अलग-अलग जिलों में संपत्तियां मिलने के कारण विजिलेंस को कई स्थानों के रिकॉर्ड जुटाने होंगे। इसी वजह से जांच में कुछ समय लग सकता है।

तलाशी अभियान के दौरान सामने आए दस्तावेजों को सुरक्षित कर लिया गया है और उनका विश्लेषण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

फिलहाल ओडिशा विजिलेंस की इस कार्रवाई में असिस्टेंट डायरेक्टर उमाकांत सामंतराय और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज बताई जा रही बड़ी संख्या में संपत्तियां जांच के केंद्र में हैं।

विजिलेंस अब यह तय करने में जुटी है कि ये संपत्तियां उनकी घोषित और ज्ञात आय के अनुरूप हैं या नहीं। जांच के अंतिम निष्कर्ष के बाद ही मामले में जिम्मेदारी और आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।

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