
Odisha ओडिशा: राजधानी कटक में रविवार को ओडिशा सिविल सर्विसेज़ (OCS) की प्रारंभिक परीक्षा के दौरान नकल का एक बड़ा मामला सामने आया। CDA इलाके के एक परीक्षा केंद्र पर एक कैंडिडेट को परीक्षा के दौरान गलत तरीके अपनाते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, कैंडिडेट की पहचान अविनाश राउत के रूप में हुई है, जो परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर रहा था। जांच में पता चला कि उसने अपने अंडरगारमेंट के अंदर मोबाइल फोन छिपा रखा था और परीक्षा के दौरान ईयरफोन का इस्तेमाल कर रहा था।
परीक्षा के दौरान सेंटर पर तैनात निरीक्षकों को तब शक हुआ जब अविनाश बार-बार सवालों को जोर-जोर से पढ़ रहा था और असामान्य व्यवहार कर रहा था। इसके बाद जब उसकी गतिविधियों की जांच की गई, तो उसके पास छिपा हुआ मोबाइल फोन और ईयरफोन बरामद हुआ, जिसके जरिए वह बाहर से मदद ले रहा था।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में केवल कैंडिडेट ही नहीं, बल्कि उसके तीन अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया गया है। इनकी पहचान सौम्यरंजन साहू, एलेक्स और रूपेश के रूप में हुई है। ये तीनों परीक्षा केंद्र के बाहर CDA और बादामबाड़ी इलाके में मौजूद थे और फोन कॉल के जरिए अविनाश को उत्तर देने में मदद कर रहे थे।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था, जिसमें बाहर मौजूद साथी प्रश्नों के जवाब बताकर कैंडिडेट की सहायता कर रहे थे। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं और क्या यह किसी बड़े नकल गिरोह का हिस्सा है।
घटना के बाद परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है और अन्य उम्मीदवारों की जांच भी बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि परीक्षा की पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
पुलिस ने चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है और उनके मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
यह घटना एक बार फिर परीक्षा प्रणाली में नकल रोकने की चुनौतियों को उजागर करती है और इस तरह की घटनाओं पर कड़ी निगरानी की आवश्यकता को दर्शाती है।





