
बेरहामपुर। ओडिशा के बेरहामपुर शहर में नकली और मिलावटी मसालों के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बड़ाबाजार थाना पुलिस ने शहर के दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर नकली मसाले तैयार करने वाली दो यूनिट्स का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान करीब 3,000 किलोग्राम हल्दी और मिर्च पाउडर के साथ चार मिलिंग मशीनें जब्त की गई हैं। मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने जब्त सामग्री की जांच और पूरे मामले से जुड़े तथ्यों का पता लगाने के लिए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इन यूनिट्स में हल्दी और मिर्च पाउडर में रंग लाने वाले पदार्थ तथा चावल की भूसी का पाउडर मिलाने का आरोप है। इसके बाद तैयार मसालों की पैकेजिंग कर उन्हें बेरहामपुर और आसपास के क्षेत्रों में कम कीमत पर बेचा जाता था। हालांकि, मिलावट की वास्तविक मात्रा और इस्तेमाल किए गए पदार्थों की सटीक पहचान जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
रविवार देर रात दो ठिकानों पर छापेमारी
बड़ाबाजार पुलिस ने रविवार देर रात शहर के दो स्थानों पर छापेमारी की।
पहली कार्रवाई लक्ष्मी नरसिंह नगर की सेवंथ लेन में स्थित एक मसाला निर्माण इकाई में की गई।
दूसरी छापेमारी प्रहलाद नगर क्षेत्र में हुई।
पुलिस ने दोनों स्थानों पर मसाला तैयार करने से जुड़ी गतिविधियों की जांच की और वहां मौजूद सामग्री को अपने कब्जे में लिया।
छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में हल्दी और मिर्च पाउडर मिलने से इन इकाइयों में चल रही गतिविधियों पर सवाल खड़े हुए हैं।
हालांकि, दोनों स्थानों से अलग-अलग कितनी सामग्री जब्त हुई, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।
3000 किलो हल्दी और मिर्च पाउडर मिला
लक्ष्मी नरसिंह नगर में स्थित निर्माण इकाई की तलाशी के दौरान पुलिस को परिसर के भीतर हल्दी और मिर्च पाउडर से भरी बोरियां मिलीं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लगभग 3,000 किलोग्राम मसाला सामग्री खुले रूप में रखी हुई थी।
पुलिस ने मौके पर मिली सामग्री को जब्त कर लिया।
इतनी बड़ी मात्रा में मसालों की मौजूदगी के बाद पुलिस यह जांच कर रही है कि इन्हें किस तरह तैयार किया जा रहा था।
साथ ही मसालों की पैकेजिंग और बिक्री से जुड़ी गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि जब्त सामग्री में हल्दी और मिर्च पाउडर की अलग-अलग मात्रा कितनी है।
चार मिलिंग मशीनें भी जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मसाला निर्माण में इस्तेमाल होने वाली चार मिलिंग मशीनें भी जब्त की हैं।
मिलिंग मशीनों का उपयोग विभिन्न खाद्य पदार्थों को पीसकर पाउडर तैयार करने में किया जाता है।
इन मशीनों की बरामदगी से संबंधित यूनिट्स में मसाला प्रसंस्करण की गतिविधियां संचालित होने की जानकारी सामने आई है।
हालांकि, मशीनों की क्षमता, उनकी कीमत और संचालन से जुड़े दस्तावेजों का विवरण उपलब्ध नहीं है।
पुलिस जांच में यह स्पष्ट हो सकता है कि इन मशीनों का उपयोग किस स्तर पर किया जा रहा था और तैयार मसालों की आपूर्ति किन क्षेत्रों में होती थी।
रंग और चावल की भूसी मिलाने का आरोप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मसाला तैयार करने वाले संचालकों पर हल्दी और मिर्च पाउडर में रंग लाने वाले पदार्थ तथा चावल की भूसी का पाउडर मिलाने का आरोप है।
बताया गया है कि इन पदार्थों को मसालों में मिलाने के बाद तैयार उत्पादों की पैकेजिंग की जाती थी।
इसके बाद मसालों को बिक्री के लिए बाजार में भेजा जाता था।
हालांकि, मसालों में किस प्रकार के रंगों का उपयोग किया गया और उनकी मात्रा कितनी थी, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
यह भी स्पष्ट नहीं है कि सभी जब्त मसाले मिलावटी पाए गए हैं या नहीं।
इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष संबंधित परीक्षण और जांच के आधार पर ही निकाला जा सकेगा।
कम कीमत पर बेचे जाते थे मसाले
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित यूनिट्स में तैयार मसालों को बेरहामपुर और आसपास के इलाकों में कम कीमत पर बेचा जाता था।
कम कीमत पर मसालों की बिक्री किए जाने की जानकारी के बाद पुलिस इनके वितरण और आपूर्ति से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
हालांकि, मसालों की बिक्री किन दुकानों या व्यापारियों के माध्यम से होती थी, इसका विवरण उपलब्ध नहीं है।
इसी तरह प्रतिदिन कितनी मात्रा में मसाले तैयार किए जाते थे और कितने समय से यह कारोबार चल रहा था, इसकी भी पुष्टि नहीं हुई है।
जांच में इन सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं।
दो लोगों को हिरासत में लिया गया
नकली मसाले तैयार करने के आरोपों से जुड़े इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है।
उनसे पूछताछ और अन्य जांच प्रक्रियाओं के माध्यम से मामले से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।
हालांकि, हिरासत में लिए गए दोनों व्यक्तियों के नाम और उनकी भूमिकाओं का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।
यह भी स्पष्ट नहीं है कि वे निर्माण इकाइयों के मालिक हैं, संचालक हैं या वहां काम करने वाले कर्मचारी हैं।
इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति की भूमिका को अंतिम रूप से स्थापित नहीं माना जा सकता।
पुलिस की आगे की जांच से संबंधित तथ्य स्पष्ट होने की उम्मीद है।
खाद्य पदार्थों में मिलावट गंभीर चिंता
हल्दी और मिर्च पाउडर भारतीय रसोई में नियमित रूप से इस्तेमाल होने वाले मसाले हैं।
इनका उपयोग भोजन का स्वाद और रंग बढ़ाने के लिए किया जाता है।
ऐसे में मसालों की गुणवत्ता और शुद्धता का सीधा संबंध उपभोक्ताओं की खाद्य सुरक्षा से है।
यदि किसी खाद्य पदार्थ में बिना अनुमति वाले रंग या अन्य अनुपयुक्त पदार्थ मिलाए जाते हैं, तो उसकी गुणवत्ता और सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
हालांकि, बरामद मसालों से स्वास्थ्य को किस प्रकार का खतरा हो सकता है, यह उनमें मौजूद पदार्थों की जांच के बाद ही निर्धारित किया जा सकता है।
बिना प्रयोगशाला परीक्षण के किसी विशेष बीमारी या नुकसान का दावा करना उचित नहीं होगा।
पैकेजिंग और बिक्री की भी होगी जांच
प्रारंभिक जानकारी में बताया गया है कि मसालों में कथित मिलावट के बाद उनकी पैकेजिंग की जाती थी।
इसलिए जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी हो सकता है कि उत्पादों को किस नाम से बाजार में बेचा जाता था।
पैकेटों पर निर्माता, निर्माण तिथि और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज किए जाते थे या नहीं, यह भी जांच से स्पष्ट हो सकता है।
हालांकि, पुलिस ने अभी किसी विशेष ब्रांड या पैकेजिंग कंपनी का नाम सार्वजनिक किए जाने की पुष्टि नहीं की है।
इसी तरह मसालों की बिक्री से संबंधित बिल और अन्य दस्तावेजों के बारे में भी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
उपभोक्ताओं के लिए सतर्कता जरूरी
खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी गुणवत्ता और पैकेजिंग की जांच करना महत्वपूर्ण है।
विशेष रूप से खुले मसालों की खरीदारी के दौरान उपभोक्ताओं को सावधानी बरतनी चाहिए।
मसालों का असामान्य रंग या बहुत कम कीमत संदेह पैदा कर सकती है, लेकिन केवल इन आधारों पर किसी उत्पाद को मिलावटी घोषित नहीं किया जा सकता।
खाद्य पदार्थों की वास्तविक गुणवत्ता का निर्धारण निर्धारित परीक्षण प्रक्रियाओं से ही किया जा सकता है।
उपभोक्ताओं के लिए विश्वसनीय विक्रेताओं से खाद्य सामग्री खरीदना और पैकेट पर उपलब्ध आवश्यक जानकारी देखना उपयोगी हो सकता है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
बेरहामपुर में बड़ाबाजार पुलिस की कार्रवाई के दौरान दो मसाला निर्माण इकाइयों से लगभग 3,000 किलोग्राम हल्दी और मिर्च पाउडर तथा चार मिलिंग मशीनें जब्त की गई हैं।
रविवार देर रात लक्ष्मी नरसिंह नगर की सेवंथ लेन और प्रहलाद नगर में हुई छापेमारी के बाद दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।
प्रारंभिक जानकारी में मसालों में रंग लाने वाले पदार्थ और चावल की भूसी का पाउडर मिलाने का आरोप सामने आया है।
अब पुलिस की जांच में मसालों की गुणवत्ता, कथित मिलावट, निर्माण इकाइयों के संचालन और बाजार में आपूर्ति से जुड़े तथ्यों के स्पष्ट होने की उम्मीद है।





