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ओडिशा में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई, कांटामाला की BDO सामी रेड्डी जयश्री तत्काल प्रभाव से निलंबित

Kavita2
7 Nov 2026 1:51 PM IST
ओडिशा में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई, कांटामाला की BDO सामी रेड्डी जयश्री तत्काल प्रभाव से निलंबित
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भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए ओडिशा प्रशासनिक सेवा (OAS) की अधिकारी और बौध जिले के कांटामाला ब्लॉक की विकास अधिकारी (BDO) सामी रेड्डी जयश्री को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 6 नवंबर 2026 को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया। आदेश में बताया गया है कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने पर विचार किया जा रहा है। इसी आधार पर उन्हें निलंबित करने का निर्णय लिया गया है। निलंबन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय संबलपुर स्थित राजस्व संभागीय आयुक्त (उत्तरी संभाग) के कार्यालय में निर्धारित किया गया है।

सरकार के इस फैसले के बाद प्रशासनिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, निलंबन के पीछे किसी विशेष आरोप या घटना का विस्तृत उल्लेख उपलब्ध जानकारी में नहीं किया गया है। आदेश में अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में निलंबन को किसी आरोप के सिद्ध होने के रूप में नहीं देखा जा सकता।

6 नवंबर को जारी हुआ निलंबन आदेश

ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को सामी रेड्डी जयश्री के निलंबन का आधिकारिक आदेश जारी किया।

आदेश के अनुसार, जयश्री के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने पर विचार किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के मद्देनजर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

सामी रेड्डी जयश्री ओडिशा प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं और बौध जिले के कांटामाला ब्लॉक में ब्लॉक विकास अधिकारी के रूप में कार्यरत थीं।

सरकारी आदेश जारी होने के बाद उनका निलंबन प्रभावी हो गया है।

हालांकि, आदेश में निलंबन की निश्चित अवधि का उल्लेख उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

राज्यपाल के आदेश पर हुई कार्रवाई

सामी रेड्डी जयश्री के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई ओडिशा के राज्यपाल के आदेश के तहत की गई है।

यह आदेश ओडिशा सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियमावली, 1962 के नियम 12(1)(a) के अंतर्गत जारी किया गया है।

इस नियम के तहत सक्षम प्राधिकारी किसी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित या लंबित होने की स्थिति में उसे निलंबित कर सकता है।

इसी कानूनी प्रावधान का उपयोग करते हुए जयश्री को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लिया गया है।

इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि सरकार ने संबंधित मामले में औपचारिक प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में कदम उठाया है।

हालांकि, अनुशासनात्मक कार्यवाही में किन आरोपों की जांच की जाएगी, इसकी विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

संबलपुर में निर्धारित किया गया मुख्यालय

निलंबन आदेश में सामी रेड्डी जयश्री के मुख्यालय को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

निलंबन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय संबलपुर स्थित राजस्व संभागीय आयुक्त, उत्तरी संभाग का कार्यालय रहेगा।

इसका अर्थ है कि निलंबन के दौरान उनकी प्रशासनिक उपस्थिति और संबंधित औपचारिकताएं निर्धारित मुख्यालय के अंतर्गत रहेंगी।

सरकारी कर्मचारियों के निलंबन आदेशों में मुख्यालय निर्धारित करना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य निलंबित अधिकारी की उपलब्धता सुनिश्चित करना और आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं को व्यवस्थित रखना होता है।

हालांकि, जयश्री के लिए उपस्थिति या मुख्यालय छोड़ने से संबंधित किसी विशेष अतिरिक्त निर्देश का उल्लेख उपलब्ध विवरण में नहीं किया गया है।

कांटामाला ब्लॉक में BDO के पद पर थीं तैनात

सामी रेड्डी जयश्री बौध जिले के कांटामाला ब्लॉक में ब्लॉक विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत थीं।

BDO का पद ग्रामीण विकास और स्थानीय प्रशासन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।

ब्लॉक विकास अधिकारी की जिम्मेदारियों में विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी, विकास कार्यों का समन्वय और संबंधित प्रशासनिक गतिविधियों का संचालन शामिल होता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए ब्लॉक स्तर का प्रशासन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

ऐसे में किसी BDO का निलंबन संबंधित ब्लॉक की प्रशासनिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम होता है।

हालांकि, जयश्री के निलंबन के बाद कांटामाला ब्लॉक में किस अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

अनुशासनात्मक कार्रवाई पर किया जा रहा विचार

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के आदेश में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जयश्री के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने पर विचार किया जा रहा है।

सरकारी सेवा में अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया विभिन्न चरणों में पूरी की जा सकती है।

इसमें आरोपों का परीक्षण, संबंधित अभिलेखों की समीक्षा और अधिकारी को अपना पक्ष रखने का अवसर देने जैसी प्रक्रियाएं शामिल हो सकती हैं।

हालांकि, किसी विशेष मामले में कौन-सी प्रक्रिया अपनाई जाएगी, यह संबंधित नियमों और विभागीय निर्णयों पर निर्भर करता है।

वर्तमान आदेश में केवल निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार किए जाने की जानकारी उपलब्ध है।

इसलिए यह कहना उचित नहीं होगा कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ कोई आरोप सिद्ध हो चुका है।

निलंबन और बर्खास्तगी में होता है अंतर

सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई में निलंबन और सेवा से बर्खास्तगी अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं।

निलंबन एक प्रशासनिक कदम है, जिसके तहत कर्मचारी को अस्थायी रूप से नियमित कार्यभार से अलग किया जाता है।

वहीं सेवा से बर्खास्तगी एक अलग और अधिक गंभीर दंडात्मक कार्रवाई होती है, जो निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाती है।

सामी रेड्डी जयश्री के मामले में फिलहाल निलंबन आदेश जारी हुआ है।

उनकी सेवा समाप्त किए जाने या बर्खास्तगी की कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

इसलिए इस मामले को निलंबन की कार्रवाई के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

निलंबन के कारणों पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं

सरकार की ओर से जारी आदेश में अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार किए जाने का उल्लेख है, लेकिन निलंबन के पीछे विशिष्ट कारणों का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।

यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कार्रवाई किसी प्रशासनिक अनियमितता, विभागीय शिकायत या अन्य मामले से संबंधित है।

ऐसे में निलंबन के कारणों को लेकर अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।

संबंधित विभाग की ओर से आगे कोई विस्तृत जानकारी जारी होने पर ही मामले की वास्तविक पृष्ठभूमि स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल आधिकारिक आदेश के आधार पर यही पुष्टि होती है कि अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है और उनका मुख्यालय संबलपुर निर्धारित किया गया है।

प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ सकता है असर

कांटामाला ब्लॉक में BDO के पद पर कार्यरत अधिकारी के निलंबन के बाद प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।

ब्लॉक स्तर पर विकास योजनाओं, सरकारी कार्यक्रमों और विभिन्न विभागीय गतिविधियों के संचालन के लिए जिम्मेदार अधिकारी की आवश्यकता होती है।

ऐसी स्थिति में प्रशासन संबंधित पद के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर सकता है।

हालांकि, कांटामाला ब्लॉक में नए BDO की नियुक्ति या किसी अन्य अधिकारी को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपे जाने के संबंध में अभी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

आगे की विभागीय प्रक्रिया पर रहेगी नजर

सामी रेड्डी जयश्री के निलंबन के बाद अब आगे की विभागीय प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के आदेश के अनुसार, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने पर विचार किया जा रहा है।

यदि विभाग आगे औपचारिक कार्यवाही शुरू करता है, तो संबंधित नियमों के अनुसार प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

इस दौरान अधिकारी को अपना पक्ष रखने के लिए नियमानुसार अवसर मिल सकता है।

अंतिम निर्णय संबंधित तथ्यों, अभिलेखों और विभागीय प्रक्रिया के आधार पर लिया जाएगा।

फिलहाल 6 नवंबर को जारी आदेश के तहत सामी रेड्डी जयश्री तत्काल प्रभाव से निलंबित हैं और निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संबलपुर स्थित राजस्व संभागीय आयुक्त कार्यालय रहेगा।

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