
Odisha ओडिशा: बलिआंता इलाके में GRP कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वैन की कथित बेरहमी से हुई मॉब लिंचिंग के मामले में पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। घटना के बाद राज्य पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है और जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
रविवार को मिली जानकारी के अनुसार, ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में बलिआंता पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज (IIC) का तबादला कर दिया गया है। इसके साथ ही चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
भुवनेश्वर के DCP ने बताया कि बलिआंता पुलिस स्टेशन के तत्कालीन IIC अनिल कुमार परिदा को अब भुवनेश्वर अर्बन पुलिस डिस्ट्रिक्ट (UPD) हेडक्वार्टर से अटैच कर दिया गया है। उनकी जगह पर इंस्पेक्टर रश्मिता बेहरा को बलिआंता पुलिस स्टेशन का नया IIC नियुक्त किया गया है।
यह कार्रवाई उस घटना के बाद की गई है जिसमें GRP कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वैन के साथ भीड़ द्वारा कथित रूप से मारपीट की गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर भारी आक्रोश देखा गया था और कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठे थे।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों की ओर से समय पर और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे स्थिति बिगड़ गई। इसी आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों पर कार्रवाई की गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तर पर जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई। पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि जांच के आधार पर आगे और भी कार्रवाई हो सकती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई थी और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
इस घटना ने राज्य में पुलिस व्यवस्था और भीड़ हिंसा की समस्या पर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी स्थिति में कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है।





