
Odisha ओडिशा: गुजरात के सूरत शहर में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। यह कार्रवाई वेद रोड इलाके के एक रिहायशी मकान पर की गई छापेमारी के दौरान हुई, जिसमें ओडिशा के दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई गई है।
यह पूरी कार्रवाई सूरत पुलिस की ओर से चलाए जा रहे “नो ड्रग्स इन सूरत सिटी” अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य शहर में नशीले पदार्थों की अवैध सप्लाई को रोकना और युवाओं को ड्रग्स से बचाना है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह अभियान लगातार तेज किया जा रहा है और इसके तहत शहर के अलग-अलग इलाकों में निगरानी और छापेमारी की जा रही है।
पुलिस को विशेष सूचना मिली थी कि चोक बाजार इलाके में अखंड आनंद कॉलेज के सामने स्थित मीना नगर को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के मकान नंबर 48 की दूसरी मंजिल पर कमरा नंबर 2 में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। सूचना के आधार पर SOG टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वहां रेड की और दो लोगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 31 वर्षीय कालूचरण महंती और 21 वर्षीय जीतू प्रधान के रूप में हुई है। दोनों आरोपी मूल रूप से ओडिशा के गंजम जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी पेशे से ज़री का काम करते थे, लेकिन इसके साथ ही वे नशा तस्करी के नेटवर्क से भी जुड़े हुए थे।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 20 किलोग्राम प्रतिबंधित पौधे आधारित गांजा बरामद किया, जिसकी बाजार कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा पुलिस ने दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनकी कीमत लगभग 25,000 रुपये बताई गई है। इस तरह कुल मिलाकर जब्त की गई संपत्ति की कीमत 10.25 लाख रुपये के आसपास है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई सूरत पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत के निर्देशों पर की गई। उन्होंने शहर में नशे के कारोबार पर सख्त नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाने के आदेश दिए थे। इसी के तहत SOG और अन्य यूनिट्स को सक्रिय किया गया है ताकि बाहरी राज्यों से आने वाले नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन को तोड़ा जा सके।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि आरोपी दूसरे राज्यों से गांजा मंगवाकर सूरत में सप्लाई करने की योजना में शामिल थे। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह खेप किसे सप्लाई की जानी थी।
अधिकारियों ने बताया कि शहर में ड्रग्स की बढ़ती गतिविधियों को रोकने के लिए लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है। खासकर उन इलाकों पर नजर रखी जा रही है जहां किराए के मकानों में बाहरी लोग रहकर संदिग्ध गतिविधियां कर रहे हैं।
SOG की इस कार्रवाई को पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता माना है, क्योंकि इससे एक बार फिर नशा तस्करी के एक संभावित नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि सप्लाई चैन और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
स्थानीय प्रशासन ने भी इस कार्रवाई की सराहना की है और कहा है कि ऐसे अभियानों से शहर में नशे के कारोबार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत सूचना दें।
फिलहाल दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और पुलिस इस मामले में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं कर रही है।





