
Odisha ओडिशा: India Meteorological Department ने सोमवार को जानकारी दी है कि मन्नार की खाड़ी और उसके आसपास के श्रीलंका क्षेत्र में बने ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवातीय परिसंचरण के प्रभाव से दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दबाव क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) विकसित हुआ है। यह सिस्टम उत्तरी श्रीलंका के तट के पास समुद्री क्षेत्र में सक्रिय है।
मौसम विभाग के अनुसार यह लो प्रेशर सिस्टम 11 मई को सुबह 5:30 बजे बना। इसके साथ जुड़ा चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है, जो इसे एक संगठित मौसम प्रणाली के रूप में दर्शाता है।
IMD ने बताया है कि अगले 48 घंटों में इस सिस्टम के और अधिक मजबूत होने और इसके स्पष्ट रूप से विकसित होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, जब इस तरह का सिस्टम समुद्री क्षेत्र में सक्रिय होता है, तो यह आगे चलकर मौसम में बदलाव का कारण बन सकता है, हालांकि वर्तमान स्थिति में इसकी दिशा और तीव्रता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
हालांकि इस लो प्रेशर एरिया के बनने के बावजूद फिलहाल ओडिशा के लिए कोई तत्काल खतरे की स्थिति नहीं बताई गई है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य पर इस सिस्टम के किसी बड़े प्रभाव को लेकर अभी तक कोई चेतावनी या विशेष पूर्वानुमान जारी नहीं किया गया है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में इस सिस्टम का सीधा प्रभाव ओडिशा के मौसम पर पड़ने की संभावना नहीं है। इसलिए वहां के लोगों को फिलहाल किसी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, मौसम विभाग लगातार समुद्री गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और किसी भी बदलाव की स्थिति में आवश्यक सूचना जारी करेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास के क्षेत्रों में इस तरह के लो प्रेशर सिस्टम अक्सर बनते रहते हैं, जिनमें से कुछ आगे चलकर मौसम को प्रभावित करते हैं, जबकि कुछ कमजोर होकर समाप्त हो जाते हैं। वर्तमान सिस्टम की तीव्रता और दिशा को लेकर आने वाले दिनों में और स्पष्ट जानकारी सामने आ सकती है।
IMD ने आम जनता और मछुआरों को सलाह दी है कि वे समुद्री क्षेत्र में गतिविधियों को लेकर मौसम अपडेट पर ध्यान बनाए रखें और किसी भी आधिकारिक सूचना का पालन करें।
फिलहाल स्थिति सामान्य बताई गई है और मौसम विभाग लगातार निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी संभावित बदलाव की जानकारी समय पर दी जा सके।





