ओडिशा

देबा स्नान पूर्णिमा पर भगवान जगन्नाथ का गजानन वेश, हाथी स्वरूप के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

SHIDDHANT
29 Jun 2026 8:27 PM IST
देबा स्नान पूर्णिमा पर भगवान जगन्नाथ का गजानन वेश, हाथी स्वरूप के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
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Puri पुरी। ओडिशा के पवित्र Shri Jagannath Temple में देबा स्नान पूर्णिमा के शुभ अवसर पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और सुदर्शन की पवित्र चतुर्धा मूर्ति का पारंपरिक गजानन वेश (हाथी वेश या हाती बेशा) धारण कराया गया। इस विशेष अनुष्ठान को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचे। देबा स्नान पूर्णिमा भगवान जगन्नाथ की वार्षिक स्नान यात्रा का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस दिन चतुर्धा विग्रहों को स्नान वेदी (स्नान बेदी) पर लाकर 108 पवित्र कलशों के जल से महाअभिषेक किया जाता है। स्नान अनुष्ठान के बाद भगवानों को गजानन वेश में सजाया जाता है, जिसे हाती बेशा के नाम से भी जाना जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, गजानन वेश भगवान गणेश के स्वरूप का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान भगवान जगन्नाथ और बलभद्र को हाथी के मुख जैसी विशेष सजावट से अलंकृत किया जाता है। यह परंपरा सदियों पुरानी है और जगन्नाथ संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। श्रद्धालुओं ने स्नान वेदी पर विराजमान भगवान के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। मंदिर प्रशासन द्वारा सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। देबा स्नान पूर्णिमा के बाद भगवान जगन्नाथ अनासरा अवधि में प्रवेश करते हैं, जिसमें वे सार्वजनिक दर्शन नहीं देते। इसके पश्चात विश्व प्रसिद्ध Rath Yatra की तैयारियां शुरू हो जाती हैं, जिसका इंतजार देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु करते हैं।
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