ओडिशा

उत्कलमणि गोपबंधु दास की 149वीं जयंती पर नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

Ratna Netam
9 Oct 2026 7:36 PM IST
उत्कलमणि गोपबंधु दास की 149वीं जयंती पर नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
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भुवनेश्वर। महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और ओडिशा के प्रमुख जननायक उत्कलमणि गोपबंधु दास की 149वीं जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने गोपबंधु दास के जीवन और उनके समाजसेवा के कार्यों को याद करते हुए कहा कि यदि उनके व्यक्तित्व को एक शब्द में व्यक्त करना हो, तो वह शब्द 'सेवा' होगा। उन्होंने कहा कि गोपबंधु दास ने अपने जीवन में सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और समाज के कमजोर तथा जरूरतमंद वर्गों के लिए काम किया। वहीं, ओडिशा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल ने भी उन्हें सेवा और समर्पण का प्रतीक बताया।गोपबंधु दास की जयंती के अवसर पर भाजपा नेताओं ने उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। संबित पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए सेवा की भावना अपनाने का संदेश दिया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए राजनीतिक दल या विचारधारा से ऊपर उठकर काम करना आवश्यक है।
संबित पात्रा बोले- सेवा ही गोपबंधु दास की पहचान
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने गोपबंधु दास को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन सेवा और समाज कल्याण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि गोपबंधु दास का नाम लेते ही सेवा की भावना सामने आती है।पात्रा ने कहा कि भाजपा वर्तमान में 'सेवा संकल्प अभियान' चला रही है। इस अभियान के माध्यम से समाज में सेवा की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी भारतीयों को संदेश दिया है कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक नागरिक को सेवा की भावना अपनानी होगी।पात्रा ने स्पष्ट किया कि यह संदेश केवल किसी एक राजनीतिक दल या विचारधारा से जुड़े लोगों के लिए नहीं है, बल्कि सभी देशवासियों के लिए है।
ओडिशा के हर गांव तक पहुंचेगा सेवा का संदेश
संबित पात्रा ने कहा कि भाजपा ने गोपबंधु दास के सेवा के संदेश को ओडिशा के प्रत्येक गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया है।उन्होंने बताया कि पार्टी अध्यक्ष की मौजूदगी में यह संकल्प लिया गया कि गोपबंधु दास के विचारों और उनके समाजसेवा के संदेश को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
पात्रा ने कहा कि पार्टी इसी संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
उनके बयान के अनुसार, इस प्रयास का मुख्य उद्देश्य गोपबंधु दास के जीवन से जुड़ी सेवा की भावना को लोगों के बीच पहुंचाना है।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस अभियान के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा या समयसीमा का उल्लेख नहीं किया गया है।
मनमोहन सामल ने बताया सेवा का प्रतीक
ओडिशा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल ने भी उत्कलमणि गोपबंधु दास की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।उन्होंने कहा कि गोपबंधु दास सेवा के प्रतीक हैं। उनका जीवन समाज के प्रति समर्पण और जनकल्याण की भावना को दर्शाता है।सामल के इस बयान में गोपबंधु दास के व्यक्तित्व और उनके सामाजिक योगदान को विशेष महत्व दिया गया।गोपबंधु दास को ओडिशा के इतिहास में एक ऐसे जननायक के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के साथ शिक्षा और समाज सुधार के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कौन थे उत्कलमणि गोपबंधु दास?
उत्कलमणि गोपबंधु दास का जन्म 9 अक्टूबर 1877 को ओडिशा के पुरी जिले के सुआंडो गांव में हुआ था। वह स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक, शिक्षाविद, पत्रकार और जनसेवक थे।उन्हें 'उत्कलमणि' की उपाधि से सम्मानित किया गया, जिसका अर्थ है ओडिशा का रत्न।गोपबंधु दास ने अपना जीवन समाज की सेवा, शिक्षा के प्रसार और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए समर्पित किया।उन्होंने उस दौर में समाज सुधार और शिक्षा के महत्व को समझते हुए लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया, जब देश ब्रिटिश शासन के अधीन था।उनका मानना था कि समाज की प्रगति के लिए शिक्षा और सामाजिक जागरूकता आवश्यक हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में दिया महत्वपूर्ण योगदान
गोपबंधु दास ने ओडिशा में आधुनिक शिक्षा के प्रसार के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने 1909 में पुरी जिले के साखीगोपाल क्षेत्र में सत्यवादी वन विद्यालय की स्थापना की।इस विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ उनमें नैतिक मूल्यों, अनुशासन और समाजसेवा की भावना विकसित करना था।गोपबंधु दास शिक्षा को समाज परिवर्तन का महत्वपूर्ण माध्यम मानते थे।उनके शैक्षणिक प्रयासों ने ओडिशा में शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने में भूमिका निभाई।सत्यवादी शिक्षा आंदोलन से जुड़े उनके कार्य आज भी ओडिशा के शैक्षणिक और सामाजिक इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं।
पत्रकारिता के माध्यम से उठाई जनता की आवाज
गोपबंधु दास ने पत्रकारिता के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने वर्ष 1919 में ओड़िया समाचार पत्र 'समाज' की स्थापना की।इस समाचार पत्र का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सामने लाना और समाज में जागरूकता बढ़ाना था।पत्रकारिता के माध्यम से उन्होंने सामाजिक मुद्दों, शिक्षा और जनहित से जुड़े विषयों को महत्व दिया।उनका मानना था कि समाचार पत्र समाज को जागरूक करने और जनता की समस्याओं को सामने लाने का प्रभावी माध्यम हो सकते हैं।उनके द्वारा स्थापित समाचार पत्र ने ओडिशा के सामाजिक और राजनीतिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्वतंत्रता आंदोलन में भी रहे सक्रिय
गोपबंधु दास भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से भी जुड़े रहे। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ राष्ट्रीय आंदोलन में भाग लिया और लोगों को स्वतंत्रता तथा सामाजिक जागरूकता के लिए प्रेरित किया।महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित होकर उन्होंने राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।उनके लिए स्वतंत्रता केवल राजनीतिक आजादी तक सीमित नहीं थी, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों की स्थिति सुधारना भी महत्वपूर्ण था।इसी कारण उनके जीवन में स्वतंत्रता आंदोलन और समाजसेवा एक-दूसरे से जुड़े रहे।
2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ा सेवा का संदेश
संबित पात्रा ने अपने संबोधन में गोपबंधु दास की सेवा भावना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ा।उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए प्रत्येक भारतीय को सेवा की भावना के साथ काम करना होगा।पात्रा के अनुसार, राष्ट्र निर्माण में सभी नागरिकों की भागीदारी आवश्यक है, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल या विचारधारा से संबंधित हों।उन्होंने कहा कि गोपबंधु दास का जीवन इसी सेवा भावना का उदाहरण है।
गोपबंधु दास के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प
उत्कलमणि गोपबंधु दास की 149वीं जयंती पर भाजपा नेताओं ने उनके सामाजिक और राष्ट्रीय योगदान को याद किया।संबित पात्रा ने उनके सेवा के संदेश को ओडिशा के प्रत्येक गांव तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया, जबकि प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल ने उन्हें सेवा का प्रतीक बताया।गोपबंधु दास का जीवन स्वतंत्रता संग्राम, शिक्षा, पत्रकारिता और समाज सुधार से जुड़ा रहा। उनके कार्यों ने ओडिशा के सामाजिक इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान बनाया।जयंती के अवसर पर नेताओं ने उनके आदर्शों को याद करते हुए समाजसेवा और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया।
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