ओडिशा

Kotia विवाद बढ़ा, आंध्र प्रदेश अधिकारियों ने ओडिशा के गांवों में वोटर जानकारी इकट्ठा की

Kavita2
4 Jun 2026 9:51 AM IST
Kotia विवाद बढ़ा, आंध्र प्रदेश अधिकारियों ने ओडिशा के गांवों में वोटर जानकारी इकट्ठा की
x

Odisha ओडिशा: ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच लंबे समय से विवादित कोटिया इलाके को लेकर तनाव फिर से बढ़ गया है। बुधवार को आंध्र प्रदेश के कई अधिकारियों ने कथित तौर पर कोटिया ग्राम पंचायत के फातुसिनेरी और फागुनसिनेरी गांवों में प्रवेश कर वहां के वोटरों की जानकारी इकट्ठा की। इस प्रक्रिया को स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) एक्सरसाइज कहा गया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, आंध्र प्रदेश की टीम घर-घर जाकर लोगों से वोटर संबंधी डेटा जमा कर रही थी। यह कदम ओडिशा के अधिकारियों द्वारा बार-बार विरोध के बावजूद किया गया। इस घटना के बाद दोनों राज्यों के बीच तनाव और बढ़ गया है।

कोटिया इलाके को लेकर ओडिशा और आंध्र प्रदेश में लंबे समय से सीमा विवाद चल रहा है। हाल के वर्षों में ओडिशा ने इलाके में विभिन्न विकास कार्यों में तेजी लाई, जिसमें सड़क निर्माण, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इसके बाद आंध्र प्रदेश की ओर से अलग-अलग तरीकों से इलाके में अपनी मौजूदगी बनाए रखने और स्थानीय लोगों के बीच प्रभाव डालने की कोशिशें शुरू हुईं।

स्थानीय सूत्रों ने बताया कि आंध्र प्रदेश अधिकारियों की हालिया गतिविधियों से गांववालों में भ्रम और कन्फ्यूजन फैल गया है। कई लोग इस कदम को अपने अधिकार क्षेत्र के उल्लंघन के रूप में देख रहे हैं। जबकि आंध्र प्रदेश की ओर से इसे प्रशासनिक कामकाज और वोटर डेटा अपडेट करने का औपचारिक कारण बताया जा रहा है।

ओडिशा के अधिकारियों ने इस कार्रवाई की निंदा की है और इसे उनके अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की प्रशासनिक गतिविधि को ओडिशा की अनुमति के बिना इलाके में संचालित नहीं किया जा सकता। ओडिशा प्रशासन ने आंध्र प्रदेश अधिकारियों से विवाद सुलझाने और शांति बनाए रखने की अपील की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कोटिया इलाके में दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से चल रहे झगड़े के कारण स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को अक्सर परेशानी का सामना करना पड़ता है। वोटरों की जानकारी एकत्र करने जैसी गतिविधियां संवेदनशील हैं और इससे राजनीतिक तनाव और बढ़ सकता है।

इस विवाद ने स्थानीय लोगों के लिए भी स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। गांवों में रहने वाले नागरिकों ने कहा कि उन्हें अब यह सुनिश्चित करना मुश्किल हो गया है कि उनकी नागरिक और प्रशासनिक जानकारी किस राज्य के अधिकारियों द्वारा रिकॉर्ड की जा रही है।

ओडिशा और आंध्र प्रदेश दोनों ही राज्य सरकारों को मामले में तटस्थ और संवेदनशील रवैया अपनाने की आवश्यकता है। दोहरे प्रशासनिक दावे और सीमांकन विवाद के चलते कोटिया इलाके में भविष्य में भी इसी तरह की घटनाएं हो सकती हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि दोनों राज्यों के अधिकारियों को मिलकर इस मामले को बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के जरिए हल करना चाहिए, ताकि इलाके में स्थायी शांति और विकास सुनिश्चित किया जा सके।

Next Story