
Odisha ओडिशा: केन्या में हुई एक संसदीय जांच के बाद पूर्व सांसद और ओडिशा मूल के डॉक्टर स्वरूप रंजन मिश्रा को गैर-कानूनी मानव अंग तस्करी और ट्रांसप्लांटेशन से जुड़े सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है। यह फैसला केन्या की नेशनल असेंबली की हेल्थ कमिटी द्वारा की गई विस्तृत जांच के बाद सामने आया है।
हेल्थ कमिटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि डॉक्टर स्वरूप रंजन मिश्रा या उनके द्वारा संचालित मेडीहील ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के खिलाफ किसी भी प्रकार की गलत गतिविधि का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। रिपोर्ट में कहा गया कि लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए कोई विश्वसनीय दस्तावेज या प्रमाण सामने नहीं आए।
जांच समिति के निष्कर्षों के आधार पर मिश्रा और उनके अस्पताल समूह दोनों को सभी आरोपों से पूर्ण रूप से मुक्त कर दिया गया है। इसके साथ ही समिति ने उन सभी प्रतिबंधों को हटाने की भी सिफारिश की है, जो इस मामले के चलते पहले लगाए गए थे।
रिपोर्ट में आगे यह भी कहा गया कि केन्या के अंग प्रत्यारोपण (ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन) क्षेत्र में अधिक पारदर्शिता और बेहतर नियंत्रण व्यवस्था की आवश्यकता है। समिति ने इस क्षेत्र में सुधारों की सिफारिश करते हुए कहा कि सख्त नियम और निगरानी प्रणाली लागू की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को रोका जा सके।
इस निर्णय के बाद डॉ. स्वरूप रंजन मिश्रा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे हमेशा से मरीजों की सुरक्षा, उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवा और मेडिकल एथिक्स के अंतरराष्ट्रीय मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह फैसला उनके काम और संस्थान की विश्वसनीयता को और मजबूत करता है।
ओडिशा मूल के डॉ. मिश्रा केन्या में एक प्रसिद्ध मेडिकल प्रोफेशनल के रूप में जाने जाते हैं। वे पहले केन्या की संसद में सांसद भी रह चुके हैं और स्वास्थ्य सेवाओं तथा सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उनकी पहचान रही है।
उनके खिलाफ लगे आरोपों से बरी होने के बाद उनके समर्थकों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों में राहत देखी जा रही है। यह मामला लंबे समय से चर्चा में था और अब संसदीय समिति की रिपोर्ट के बाद इसका औपचारिक रूप से निपटारा हो गया है।
केन्या की हेल्थ कमिटी ने अपने निष्कर्षों में यह भी कहा कि भविष्य में अंग प्रत्यारोपण से जुड़े मामलों में और अधिक सख्ती, निगरानी और पारदर्शिता की जरूरत है, ताकि ऐसी स्थितियों से बचा जा सके और स्वास्थ्य प्रणाली में जनता का भरोसा मजबूत बना रहे।





