
Odisha ओडिशा: शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करते हुए योग्य छात्रों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक उम्मीदवार SAMS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
नोटिफिकेशन के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया 20 जून से शुरू होकर 5 जुलाई तक चलेगी। इसके बाद चयन प्रक्रिया के तहत पहली मेरिट लिस्ट 10 जुलाई को जारी की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह निर्धारित शैक्षणिक मानकों और परीक्षा परिणामों के आधार पर की जाएगी।
इस कार्यक्रम में प्रवेश के लिए छात्रों का चयन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (NCET)-2026 में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा। यह परीक्षा राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
उच्च शिक्षा विभाग ने बताया कि ITEP प्रोग्राम के तहत शैक्षणिक सत्र 2026–27 की कक्षाएं 1 अगस्त से शुरू की जाएंगी। विभाग का कहना है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षण क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान करना है, जिससे भविष्य के शिक्षकों को बेहतर तरीके से तैयार किया जा सके।
ITEP एक चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स है, जिसे विशेष रूप से शिक्षक शिक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। इस कार्यक्रम में छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ विषय विशेषज्ञता और शिक्षण कौशल का भी प्रशिक्षण दिया जाता है।
राज्य सरकार का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रमों से शिक्षा प्रणाली में सुधार होगा और योग्य शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार आने की उम्मीद है।
SAMS पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। विभाग ने छात्रों से समय पर आवेदन करने और सभी आवश्यक दस्तावेजों को सही तरीके से अपलोड करने की अपील की है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि NCET आधारित प्रवेश प्रणाली से चयन प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और मानकीकृत होगी। इससे देशभर के प्रतिभाशाली छात्रों को समान अवसर मिलेगा।
कुल मिलाकर, ITEP कार्यक्रम को ओडिशा में शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने में मदद करेगा।





