
Odisha ओडिशा: बालिअंटा मॉब लिंचिंग केस (Balanta Mob Lynching Case) की जांच में क्राइम ब्रांच ने एक अहम कदम उठाते हुए शुक्रवार को मृतक गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वैन के साथी ओम प्रकाश राउत का लाई डिटेक्शन टेस्ट कराया। यह टेस्ट जांच के दौरान सामने आए बयानों की सत्यता को परखने के उद्देश्य से किया गया है।
जांच एजेंसी को इस परीक्षण के लिए अदालत से अनुमति मिलने के बाद, यह प्रक्रिया भुवनेश्वर स्थित राज्य फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (SFSL) में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरी की गई। इस दौरान जांच से जुड़े अधिकारी और फोरेंसिक विशेषज्ञ मौजूद रहे, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से संपन्न हो सके।
सूत्रों के अनुसार, जांच टीम ने टेस्ट के लिए 50 से अधिक प्रश्न तैयार किए थे, जिन्हें ओम प्रकाश राउत से पूछे गए जवाबों के आधार पर विश्लेषित किया गया। यह पूरा परीक्षण कई चरणों में किया गया, जिसमें उनके पिछले बयानों और वर्तमान जवाबों के बीच संभावित विरोधाभासों की जांच की गई।
ओम प्रकाश राउत ने भी इस लाई डिटेक्शन टेस्ट के लिए अपनी सहमति दी थी, जिसके बाद कोर्ट की अनुमति के आधार पर यह प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। जांच अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के वैज्ञानिक परीक्षण से मामले की गहराई तक पहुंचने में मदद मिलती है।
जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि घटना के समय ओम प्रकाश राउत द्वारा दिए गए बयान कितने सटीक हैं और क्या उनके बयानों में किसी प्रकार का विरोधाभास मौजूद है। इसके साथ ही यह भी जांच का हिस्सा है कि क्या इस घटना के पीछे किसी बड़ी साजिश की संभावना हो सकती है।
क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम इस पूरे मामले की कई स्तरों पर जांच कर रही है। मॉब लिंचिंग की इस घटना ने पहले ही कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे, और अब वैज्ञानिक जांच के माध्यम से सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
फोरेंसिक विशेषज्ञों का कहना है कि लाई डिटेक्शन टेस्ट केवल जांच को दिशा देने में मदद करता है, और इसे अंतिम सबूत के रूप में नहीं माना जाता। हालांकि, इससे जांच एजेंसियों को संदिग्ध बयानों की गहराई से पड़ताल करने में सहायता मिलती है।
इस मामले में पुलिस पहले ही कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है और घटनाक्रम से जुड़े विभिन्न पहलुओं को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है। अब इस नए टेस्ट के बाद जांच को एक नई दिशा मिलने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल क्राइम ब्रांच इस पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है, और आने वाले दिनों में और भी महत्वपूर्ण खुलासे सामने आने की उम्मीद है।





