
भुवनेश्वर। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ओडिशा में भी शनिवार को भव्य समारोह आयोजित किए गए। राजधानी भुवनेश्वर के महात्मा गांधी मार्ग पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और प्रदेशवासियों को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में भारत के गौरवशाली स्वतंत्रता संग्राम, ओडिशा के वीर सपूतों के योगदान और राज्य में चल रहे विकास कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ओडिशा को विकसित और समृद्ध राज्य के रूप में स्थापित करना है।
स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को किया नमन
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अपने संबोधन की शुरुआत देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को श्रद्धांजलि देकर की। उन्होंने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, वीर सुरेंद्र साई, उत्कलमणि गोपबंधु दास, उत्कल गौरव मधुसूदन दास, बक्सी जगबंधु और जयी राजगुरु जैसे महान व्यक्तित्वों को याद किया।
उन्होंने कहा कि ओडिशा की धरती हमेशा से संघर्ष और बलिदान की परंपरा के लिए जानी जाती रही है। राज्य के लोगों ने देश की आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अपने साहस से इतिहास में अमिट छाप छोड़ी।
मुख्यमंत्री ने 1817 के पाइका विद्रोह और विभिन्न आदिवासी आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि ओडिशा की प्रतिरोध की गौरवशाली विरासत भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की मजबूत नींव का हिस्सा रही है।
विकसित ओडिशा के लिए सरकार का रोडमैप
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ओडिशा को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। उन्होंने "विकसित ओडिशा" के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि राज्य में आधारभूत संरचना, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में तेजी से काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए विशेष योजनाओं के माध्यम से राज्य को मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
वामपंथी उग्रवाद के खात्मे का दावा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य की आंतरिक सुरक्षा को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से ओडिशा में वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) की समस्या को काफी हद तक समाप्त कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि पहले जिन क्षेत्रों में उग्रवाद के कारण विकास कार्य प्रभावित होते थे, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और कहा कि शांति और सुरक्षा के माहौल में ही तेज विकास संभव है।
आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर जोर
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने आदिवासी क्षेत्रों के विकास को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई। उन्होंने कहा कि राज्य के आदिवासी समुदायों का योगदान ओडिशा के इतिहास और संस्कृति में बेहद महत्वपूर्ण रहा है।
सरकार आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास की प्रक्रिया में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
युवाओं और नई पीढ़ी से अपील
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने युवाओं को राज्य और देश के भविष्य की ताकत बताया। उन्होंने कहा कि युवा अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर ओडिशा को नई पहचान दिला सकते हैं।
उन्होंने युवाओं से शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
देशभक्ति के माहौल में संपन्न हुआ समारोह
भुवनेश्वर के महात्मा गांधी मार्ग पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह देशभक्ति के माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी।
समारोह के दौरान सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार व्यवस्था की निगरानी करते रहे।
ओडिशा के भविष्य को लेकर मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लेने का दिन भी है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को पूरा करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। विकसित ओडिशा और विकसित भारत के निर्माण में हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री के संबोधन में स्वतंत्रता संग्राम की विरासत, सुरक्षा उपलब्धियों और विकास के भविष्य के लक्ष्य पर विशेष जोर रहा। उन्होंने कहा कि ओडिशा अपनी संस्कृति, संसाधनों और मेहनती जनता के बल पर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।





