ओडिशा

BJD याचिका पर हाई कोर्ट की सुनवाई

Kavita2
18 Sept 2026 3:39 PM IST
BJD याचिका पर हाई कोर्ट की सुनवाई
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भुवनेश्वर। ओडिशा हाई कोर्ट ने शुक्रवार को बीजू जनता दल (BJD) की ओर से दायर उन याचिकाओं पर सुनवाई की, जिनमें राज्यसभा चुनाव के दौरान कथित क्रॉस-वोटिंग करने वाले आठ विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग खारिज करने के विधानसभा स्पीकर के फैसले को चुनौती दी गई है।

हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए ओडिशा विधानसभा की स्पीकर सुरमा पाढ़ी को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पीकर को 29 सितंबर से पहले अपना पक्ष रखने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई भी 29 सितंबर को निर्धारित की गई है।

BJD ने विधानसभा स्पीकर के उस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट का रुख किया था, जिसमें पार्टी की ओर से आठ विधायकों की अयोग्यता को लेकर दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था।

पार्टी का आरोप है कि इन विधायकों ने राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए क्रॉस-वोटिंग की थी। BJD ने इसे दल विरोधी गतिविधि बताते हुए विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई की मांग की थी।

जानकारी के अनुसार, BJD ने इस मामले में आठ अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं। शुक्रवार को हाई कोर्ट ने इनमें से दो याचिकाओं पर सुनवाई की। बाकी याचिकाओं पर सुनवाई आगे की प्रक्रिया के तहत होगी।

BJD की ओर से दायर याचिकाओं में कहा गया है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी द्वारा जारी निर्देशों और व्हिप का पालन नहीं किया गया। पार्टी ने विधायकों के इस कदम को दल की नीति और निर्देशों के खिलाफ बताया।

वहीं, विधानसभा स्पीकर की ओर से इन याचिकाओं को खारिज किए जाने के बाद BJD ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। पार्टी ने हाई कोर्ट से स्पीकर के फैसले की समीक्षा करने और मामले में उचित आदेश देने की मांग की है।

हाई कोर्ट की ओर से स्पीकर को नोटिस जारी किए जाने के बाद अब उनकी ओर से दाखिल किए जाने वाले जवाब पर सभी की नजरें टिकी हैं। स्पीकर अपने जवाब में याचिकाओं को खारिज करने के आधार और प्रक्रिया की जानकारी दे सकती हैं।

राजनीतिक दलों के अंदर विधायकों की भूमिका और व्हिप उल्लंघन से जुड़े मामले अक्सर संवैधानिक और कानूनी बहस का विषय रहे हैं। ऐसे मामलों में विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता से जुड़े मामलों पर निर्णय लेने का अधिकार स्पीकर के पास होता है।

ओडिशा में BJD और उसके विधायकों से जुड़ा यह मामला राज्य की राजनीति में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। राज्यसभा चुनाव के बाद पार्टी ने जिन विधायकों पर आरोप लगाए थे, उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

अब हाई कोर्ट में होने वाली आगे की सुनवाई में यह देखा जाएगा कि स्पीकर के फैसले को लेकर अदालत के सामने क्या तर्क रखे जाते हैं और मामले में आगे की दिशा क्या होगी।

फिलहाल अदालत ने केवल जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले में अंतिम निर्णय आगे की सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर होगा।

29 सितंबर को होने वाली सुनवाई में विधानसभा स्पीकर का जवाब और अन्य संबंधित पक्षों की दलीलें महत्वपूर्ण रहेंगी। इसके बाद ही मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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