
Odisha ओडिशा: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को जानकारी दी है कि बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम हिस्से में और उससे सटे उत्तरी ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव क्षेत्र) बन गया है। इस सिस्टम के सक्रिय होने के बाद क्षेत्र में मौसम के तेजी से बदलने और भारी बारिश की संभावना बढ़ गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो से तीन दिनों में मौसम की स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
IMD के अनुसार, यह लो प्रेशर एरिया 2 जुलाई को सुबह 3 बजे UTC (भारतीय समयानुसार सुबह 8:30 बजे) पर विकसित हुआ। यह प्रणाली एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से बनी है, जो पहले से ही बुधवार से बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र और उत्तरी ओडिशा तट के आसपास सक्रिय था। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस सिस्टम का लगातार मजबूत होना क्षेत्रीय मौसम पर व्यापक असर डाल सकता है।
मौसम विभाग ने बताया कि इससे जुड़ा साइक्लोनिक सर्कुलेशन समुद्र तल से लगभग 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। यह प्रणाली ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर झुक रही है, जो मौसम के पैटर्न को और अधिक प्रभावित कर सकती है। इस तरह की स्थिति में बादलों का तेजी से निर्माण होता है और भारी बारिश की संभावना बढ़ जाती है।
IMD ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि इस लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में अच्छी-खासी वर्षा होने की संभावना है। विशेष रूप से तटीय और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता अधिक रह सकती है। इसके साथ ही कुछ जिलों में भारी बारिश की स्थिति भी बन सकती है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
पिछले 24 घंटों के दौरान ओडिशा के कई हिस्सों में पहले से ही भारी बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही वर्षा के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी देखी जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा भी हो सकता है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन को संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह देने की बात कही है। तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी भी जारी की जा सकती है, क्योंकि समुद्री परिस्थितियां अस्थिर हो सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में इस तरह के लो प्रेशर सिस्टम मानसून के दौरान आम होते हैं, लेकिन जब ये सक्रिय होते हैं तो कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थितियां उत्पन्न कर सकते हैं। इस समय यह सिस्टम ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्रों के मौसम को प्रभावित कर रहा है।
IMD लगातार इस सिस्टम की निगरानी कर रहा है और हर कुछ घंटों में अपडेट जारी किया जा रहा है। मौसम विभाग ने कहा है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और यदि सिस्टम और मजबूत होता है तो चेतावनी के स्तर को और बढ़ाया जा सकता है।
फिलहाल ओडिशा सरकार ने भी संबंधित जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है और प्रशासन को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। राहत और बचाव दलों को भी सतर्क मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
कुल मिलाकर, बंगाल की खाड़ी में बना यह लो प्रेशर एरिया आने वाले दिनों में पूर्वी भारत के मौसम को काफी प्रभावित कर सकता है। भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।





