
पुरी : ओडिशा के पुरी जिले में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ओर से जारी ऑरेंज वॉर्निंग के बाद जिले के सभी स्कूलों में बुधवार को छुट्टी घोषित कर दी गई है। यह आदेश छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है।
पुरी जिला प्रशासन के अनुसार, जिले के सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त स्कूल इस निर्णय के दायरे में आएंगे। शिशु वाटिका से लेकर प्लस टू यानी हायर सेकेंडरी स्तर तक की सभी कक्षाएं आज के लिए बंद रहेंगी। प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
पुरी के जिला कलेक्टर ने भारी बारिश की आशंका को देखते हुए एहतियाती कदम के रूप में स्कूल बंद करने की घोषणा की। प्रशासन का कहना है कि खराब मौसम के दौरान बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा तेज बारिश, जलभराव और यातायात बाधित होने जैसी परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
मौसम विभाग ने पुरी जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। IMD के अनुसार, जिले के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से ओडिशा के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान जताया गया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर उत्तर ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के पास एक लो प्रेशर एरिया बना हुआ है। इसके कारण अगले कुछ दिनों में ओडिशा के तटीय और आसपास के इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। पुरी भी इस मौसम प्रणाली के प्रभाव वाले जिलों में शामिल है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। जिला प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
स्कूलों में छुट्टी का फैसला अचानक नहीं लिया गया है, बल्कि मौसम विभाग की चेतावनी और संभावित जोखिमों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि भारी बारिश के दौरान बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मौसम सामान्य होने के बाद स्कूलों के संचालन को लेकर आगे निर्णय लिया जाएगा।
पुरी जिले में मानसून के दौरान भारी बारिश का असर कई बार देखने को मिलता है। तटीय क्षेत्र होने के कारण यहां तेज बारिश के साथ जलभराव और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। ऐसे में प्रशासन पहले से ही सतर्कता बरत रहा है।
जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों पर नजर रखने, बिजली व्यवस्था सुचारु रखने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
नगर निकाय और स्थानीय प्रशासन को भी निचले इलाकों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश के कारण सड़कों पर पानी जमा होने या यातायात प्रभावित होने की स्थिति में तत्काल कदम उठाने को कहा गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए मछुआरों को भी समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को तेज हवाओं और समुद्री परिस्थितियों को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है।
किसानों के लिए भी यह बारिश महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खरीफ फसलों के लिए बारिश लाभदायक हो सकती है, लेकिन अत्यधिक बारिश होने पर खेतों में पानी भरने और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी रहती है। प्रशासन ने किसानों को भी मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी है।
पुरी जिला प्रशासन ने साफ किया है कि छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है और मौसम की स्थिति के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
फिलहाल पुरी जिले में भारी बारिश को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्कूल बंद करने के फैसले से हजारों छात्रों और अभिभावकों को राहत मिली है। प्रशासन का उद्देश्य है कि खराब मौसम के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।





