
कोरापुट। ओडिशा के कोरापुट जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच घोडादारा के पास भूस्खलन से सड़क संपर्क प्रभावित हो गया है। पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मिट्टी और मलबा सड़क पर गिरने के कारण कोरापुट और बोरिगुम्मा के बीच वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई। बताया जा रहा है कि गुरुवार रात से यह मार्ग बंद है। सड़क से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के लिए सफाई और बचाव कार्य जारी है।
जानकारी के मुताबिक घोडादारा के पास भारी बारिश के बाद पहाड़ी हिस्से की मिट्टी अचानक खिसककर सड़क पर आ गई। भूस्खलन के साथ बड़ी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और अन्य मलबा सड़क पर जमा हो गया। इसके कारण सड़क का बड़ा हिस्सा ढक गया और दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही बंद करनी पड़ी।
घटना गुरुवार रात की बताई जा रही है। रात में भारी बारिश और खराब मौसम के कारण तत्काल मलबा हटाने का काम चुनौतीपूर्ण रहा। शुक्रवार को संबंधित विभागों की टीमों ने सड़क को साफ करने का काम तेज किया। अधिकारियों की कोशिश है कि जल्द से जल्द मलबा हटाकर कोरापुट-बोरिगुम्मा के बीच यातायात सामान्य किया जा सके।
मार्ग बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ इस रास्ते से गुजरने वाले यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के दोनों ओर वाहनों को रुकना पड़ा है। नियमित रूप से इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले लोगों को वैकल्पिक रास्तों की तलाश करनी पड़ सकती है।
कोरापुट और बोरिगुम्मा के बीच यह मार्ग स्थानीय आवागमन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच लोगों की आवाजाही के साथ आवश्यक वस्तुओं और अन्य सामान के परिवहन के लिए भी इस सड़क का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में मार्ग लंबे समय तक बंद रहने पर सामान्य जनजीवन और परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
क्षेत्र में बने कम दबाव के क्षेत्र यानी डिप्रेशन के प्रभाव से लगातार भारी बारिश हो रही है। बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों की मिट्टी में नमी काफी बढ़ गई है। इससे मिट्टी और चट्टानों के खिसकने का खतरा बढ़ जाता है। घोडादारा में हुई घटना को भी लगातार बारिश से जोड़कर देखा जा रहा है।
कोरापुट का बड़ा हिस्सा पहाड़ी और वन क्षेत्र से घिरा हुआ है। जिले में कई सड़कें पहाड़ियों और घाट क्षेत्रों से होकर गुजरती हैं। भारी बारिश के दौरान इन मार्गों पर भूस्खलन का खतरा अधिक रहता है। पहाड़ी से अचानक मिट्टी या बड़ी चट्टानें गिरने पर न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि वहां से गुजरने वाले वाहनों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
घोडादारा में मलबा हटाने के लिए संबंधित विभाग की टीमों को लगाया गया है। सड़क पर जमा मिट्टी और पत्थरों को हटाने के साथ यह भी देखा जा रहा है कि भूस्खलन से सड़क की सतह या किनारे को कोई बड़ा नुकसान तो नहीं पहुंचा है। सड़क पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के बाद ही वाहनों की सामान्य आवाजाही शुरू की जाएगी।
सिर्फ सड़क से मलबा हटाना ही पर्याप्त नहीं होगा। जिस पहाड़ी हिस्से से मिट्टी खिसकी है, वहां दोबारा भूस्खलन की आशंका का आकलन भी जरूरी है। यदि बारिश जारी रहती है तो ढलान से और मिट्टी या पत्थर नीचे आ सकते हैं। इसलिए सफाई कार्य में लगे कर्मचारियों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।
लगातार बारिश राहत और सफाई कार्य को प्रभावित कर सकती है। भारी मशीनों के जरिए सड़क पर जमा मलबा हटाने के दौरान यदि दोबारा पहाड़ी से मिट्टी खिसकती है तो काम रोकना पड़ सकता है। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता सड़क को जल्दी खोलने के साथ कर्मचारियों और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।
सड़क बंद होने का असर आसपास के ग्रामीण इलाकों पर भी पड़ सकता है। रोजाना रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और बाजार के लिए इस मार्ग से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। यदि मार्ग अधिक समय तक बंद रहता है तो जरूरी सामान के परिवहन पर भी असर पड़ने की आशंका है।
बारिश के मौसम में पहाड़ी सड़कों पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों के लिए विशेष सावधानी जरूरी हो गई है। ऐसे रास्तों पर मिट्टी और छोटे पत्थरों का गिरना बड़े भूस्खलन का संकेत भी हो सकता है। सड़क पर पानी बहने और फिसलन बढ़ने से वाहन नियंत्रण खोने का जोखिम भी रहता है।
अधिकारियों की ओर से प्रभावित क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। मलबा हटाने के बाद सड़क की स्थिति का निरीक्षण किया जाएगा। यदि किसी हिस्से में मरम्मत की जरूरत सामने आती है तो यातायात शुरू करने से पहले आवश्यक कार्य किए जा सकते हैं।
दक्षिणी ओडिशा में लगातार बारिश के कारण पिछले कुछ दिनों में कई स्थानों पर सड़क और रेल संपर्क प्रभावित हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण मार्गों को खुला रखना और संवेदनशील स्थानों की निगरानी करना बड़ी चुनौती बना हुआ है।
घोडादारा में हुए भूस्खलन ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के खतरे को सामने ला दिया है। मिट्टी और मलबे के बड़े हिस्से ने पूरी सड़क को ढक दिया, जिसके कारण गुरुवार रात से कोरापुट-बोरिगुम्मा के बीच यातायात बंद है।
फिलहाल मलबा हटाने और सड़क संपर्क बहाल करने का काम जारी है। अधिकारी जल्द से जल्द मार्ग साफ कर वाहनों की आवाजाही शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि यातायात बहाल करने से पहले सड़क और आसपास की पहाड़ी ढलान की सुरक्षा का आकलन किया जाना जरूरी होगा। बारिश जारी रहने तक इस क्षेत्र में दोबारा भूस्खलन का खतरा बना रह सकता है।





