ओडिशा

Jajpur में दूषित खाने से स्वास्थ्य संकट, 30 से अधिक प्रभावित

Ratna Netam
2 May 2026 7:51 PM IST
Jajpur में दूषित खाने से स्वास्थ्य संकट, 30 से अधिक प्रभावित
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Odisha.ओडिशा: जाजपुर में स्थानीय लोगों के लिए एक स्वास्थ्य संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। शहर में दूषित दही-बड़ा खाने के कारण 30 से अधिक लोग बीमार हो गए और उन्हें नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा। स्वास्थ्य अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए तुरंत कदम उठाए।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कई लोग एक ही खाने की दुकान से दही-बड़ा खरीदकर खा रहे थे। कुछ घंटों के भीतर ही उनमें उल्टी, दस्त और तेज बुखार जैसे लक्षण दिखाई देने लगे। प्रभावितों में बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। उनके परिजन तत्काल उन्हें नज़दीकी सरकारी और निजी अस्पतालों में ले गए, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक चिकित्सा के बाद स्थिति पर नजर रखना शुरू किया।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि दूषित दही-बड़ा खाने से लोग फूड पॉइज़निंग का शिकार हुए हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य कर्मचारियों की टीम ने तुरंत प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और संदिग्ध खाने की दुकानों को सील कर दिया। साथ ही दुकानदार से खाद्य सामग्री के स्रोत और तैयारी की जानकारी भी मांगी गई।
अस्पतालों के डॉक्टरों ने कहा कि प्रभावित लोगों की हालत स्थिर है और अधिकांश मरीजों का उपचार प्राथमिक देखभाल के जरिए किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे संदिग्ध या अस्वच्छ भोजन न लें और खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन करें।
स्थानीय प्रशासन ने भी जनता को चेताया कि वे केवल पके और सुरक्षित भोजन का सेवन करें। अधिकारियों ने कहा कि खाद्य विक्रेताओं को नियमित निरीक्षण और साफ-सफाई बनाए रखने की अनिवार्य शर्तों का पालन करना होगा। यदि कोई उल्लंघन पाया गया, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने जाजपुर में खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य की संवेदनशीलता को दोबारा उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों और मानसून के मौसम में फूड पॉइज़निंग के मामले बढ़ सकते हैं, इसलिए साफ-सफाई, ताजगी और उचित तापमान पर खाना रखने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन की प्रतिक्रिया की सराहना की, लेकिन उन्होंने कहा कि नियमित निगरानी और जागरूकता अभियानों के जरिए इस तरह के मामलों को रोका जा सकता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानी बरतने की भी सलाह दी गई।
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