ओडिशा

भारी बारिश का कहर, क्योंझर-मयूरभंज में बाढ़ का खतरा बढ़ा

Kavita2
28 July 2026 3:23 PM IST
भारी बारिश का कहर, क्योंझर-मयूरभंज में बाढ़ का खतरा बढ़ा
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क्योंझर/मयूरभंज : ओडिशा के क्योंझर और मयूरभंज जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तेज बारिश के कारण कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं, खेती की जमीनों को नुकसान पहुंचा है और नदियों तथा नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। हालात को देखते हुए कई क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है।

क्योंझर जिले में भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रहा है। बांसपाल ब्लॉक में चेमंडा नहर का पानी उफान पर आने के बाद दौला और बैरुगुडी को जोड़ने वाली सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। बाढ़ के पानी के तेज बहाव ने सड़क के एक हिस्से को काट दिया, जिससे आसपास के कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क टूटने के बाद ग्रामीणों को आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जरूरी कामों, स्वास्थ्य सेवाओं और बाजार तक पहुंचने के लिए लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। बारिश जारी रहने की स्थिति में स्थिति और खराब होने की आशंका जताई जा रही है।

इसी बीच बांसपाल क्षेत्र में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जंतरीपाडा साही के रहने वाले बसंत देहुरी नामक युवक को तेज बहाव वाली धारा पार करने की कोशिश के दौरान पानी बहा ले गया। बताया गया कि वह शुआकाटी की ओर जा रहा था और रास्ते में उफनती धारा पर बने पुल को पार करने का प्रयास कर रहा था।

धारा का बहाव इतना तेज था कि युवक अपना संतुलन खो बैठा और पानी में बहने लगा। घटना को देखकर आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मदद के लिए आगे आए। स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचाव अभियान चलाया और युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने लोगों से अपील की है कि तेज बहाव वाले रास्तों और पुलों को पार करने से बचें।

बारिश के कारण जिले के कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। खेतों में पानी जमा होने से किसानों को भी नुकसान की चिंता सताने लगी है। कई जगहों पर फसलें प्रभावित हुई हैं और किसान प्रशासन से मदद की उम्मीद कर रहे हैं।

मयूरभंज जिले में भी लगातार बारिश का असर देखने को मिल रहा है। कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है और नदियों का जलस्तर बढ़ने से तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से हालात पर नजर रखी जा रही है।

मौसम की स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों, तेज बहाव वाली नदियों और कमजोर पुलों से दूर रहें। आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।

बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं। प्रशासन की टीमें स्थिति का आकलन कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में सहायता पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बारिश के दौरान छोटे नाले और नदियां अचानक उफान पर आ सकती हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे मौसम में स्थानीय लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

ग्रामीणों का कहना है कि हर साल मानसून के दौरान इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि कमजोर सड़कों और पुलों की मरम्मत समय रहते कर दी जाए तो बारिश के मौसम में होने वाली परेशानियों को कम किया जा सकता है।

फिलहाल क्योंझर और मयूरभंज जिलों में प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। भारी बारिश के कारण पैदा हुई चुनौतियों के बीच सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सेवाएं पहुंचाना है।

लगातार बारिश ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बेहतर जल निकासी व्यवस्था, मजबूत सड़क संपर्क और आपदा प्रबंधन की जरूरत को सामने ला दिया है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति के आधार पर प्रशासन की ओर से आगे के कदम उठाए जाएंगे।

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