ओडिशा

ओडिशा में बाढ़ से हाहाकार, 2 लाख से ज्यादा प्रभावित

Kavita2
29 July 2026 3:32 PM IST
ओडिशा में बाढ़ से हाहाकार, 2 लाख से ज्यादा प्रभावित
x

भुवनेश्वर। ओडिशा में लगातार बारिश के बाद पैदा हुई बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ का पानी फैलने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। स्पेशल रिलीफ कमिश्नर (SRC) राजेश प्रभाकर पाटिल ने बुधवार को जानकारी दी कि राज्य में बाढ़ के कारण अब तक कम से कम चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि छह जिलों में दो लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

एसआरसी की ओर से जारी ताजा बाढ़ स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार सुबह 9 बजे तक राज्य में कुल 2,03,208 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। ये लोग 748 गांवों, 233 ग्राम पंचायतों, 44 ब्लॉक, छह शहरी स्थानीय निकायों और चार वार्डों में फैले हुए हैं।

कई जिलों में बाढ़ से बिगड़े हालात

भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण ओडिशा के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हो रही है। कई स्थानों पर सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है और सामान्य गतिविधियां बाधित हुई हैं।

प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। जिला प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं।

चार लोगों की मौत

एसआरसी राजेश प्रभाकर पाटिल ने बताया कि बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि, प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और राहत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

राहत और बचाव अभियान जारी

बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों के लिए प्रशासनिक टीमें तैनात की गई हैं। स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन दल और अन्य विभाग मिलकर लोगों को सहायता पहुंचाने में जुटे हैं।

प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पेयजल, दवाइयों और अन्य जरूरी सामान की व्यवस्था की जा रही है। जिन इलाकों में पानी ज्यादा भर गया है, वहां लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी की गई है।

सैकड़ों गांवों पर पड़ा असर

बाढ़ का असर राज्य के ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 748 गांवों के लोग प्रभावित हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है।

कई ग्राम पंचायतों और ब्लॉकों में प्रशासन को लगातार निगरानी करनी पड़ रही है। स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रभावित लोगों की समस्याओं का तुरंत समाधान करें।

नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई चिंता

लगातार बारिश के कारण राज्य की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। कुछ इलाकों में नदियों का पानी खतरे के निशान के आसपास पहुंच गया, जिससे तटबंधों और नदी किनारे बसे गांवों पर दबाव बढ़ गया है।

प्रशासन कमजोर तटबंधों की निगरानी कर रहा है और जहां जरूरत है वहां मरम्मत के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

शहरी इलाकों में भी जलभराव

बाढ़ का असर केवल ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। छह शहरी स्थानीय निकायों और चार वार्डों में भी जलभराव की स्थिति सामने आई है। कई जगहों पर लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है।

नगर निकायों की टीमें पानी निकालने और जरूरी सेवाओं को बनाए रखने के लिए काम कर रही हैं। प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

सरकार ने बढ़ाई निगरानी

राज्य सरकार बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। एसआरसी कार्यालय से जिलों से नियमित रिपोर्ट ली जा रही है और जरूरत के अनुसार संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

अधिकारियों का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है और किसी भी आपात स्थिति के लिए टीमों को तैयार रखा गया है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। नदी, नाले और तेज बहाव वाले पानी से दूर रहने की सलाह दी गई है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और किसी भी परेशानी की स्थिति में प्रशासन से संपर्क करने को कहा गया है।

फिलहाल ओडिशा में बाढ़ की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। दो लाख से अधिक लोगों के प्रभावित होने के बाद प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है। आने वाले दिनों में बारिश और नदियों के जलस्तर के आधार पर स्थिति में बदलाव की संभावना है।

Next Story