ओडिशा

सावन के पहले सोमवार पर ओडिशा में गूंजा हर-हर महादेव

Kavita2
3 Aug 2026 9:57 AM IST
सावन के पहले सोमवार पर ओडिशा में गूंजा हर-हर महादेव
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भुवनेश्वर। सावन महीने के पहले सोमवार के पावन अवसर पर सोमवार को ओडिशा भर में भगवान शिव की भक्ति का विशेष उत्साह देखने को मिला। राज्य के विभिन्न शिव मंदिरों में सुबह से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु और ‘बोल बम’ भक्त पहुंचने लगे। केसरिया वस्त्र पहने कांवड़ियों ने धार्मिक परंपरा के अनुसार नदियों से पवित्र जल भरकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और अपनी वार्षिक कांवड़ यात्रा पूरी की।

सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है। इसी आस्था के चलते ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। भक्तों ने नदियों और जल स्रोतों से जल एकत्र किया और उसे कांवड़ में लेकर पैदल यात्रा करते हुए विभिन्न शिव मंदिरों तक पहुंचे।

सुबह से ही प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। भक्तों ने भगवान शिव को जल, बेलपत्र, फूल और अन्य पूजा सामग्री अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। मंदिर परिसरों में ‘बोल बम’, ‘हर हर महादेव’ और ‘जय शिव शंकर’ के जयकारे गूंजते रहे।

ओडिशा में सावन सोमवार के दौरान कांवड़ यात्रा एक महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा मानी जाती है। कांवड़िए केसरिया रंग के कपड़े पहनकर समूहों में यात्रा करते हैं और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव को जल अर्पित करते हैं। कई श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर तक पैदल चलकर अपने निर्धारित शिव मंदिरों तक पहुंचते हैं।

इस अवसर पर राज्य के प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी थी। पुजारियों ने विधि-विधान के साथ भगवान शिव का अभिषेक कराया और श्रद्धालुओं ने पूजा में भाग लिया।

कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु नदियों से जल भरकर उसे सुरक्षित रखते हैं और यात्रा पूरी होने तक उसे भगवान शिव को अर्पित करने के लिए संभालकर रखते हैं। मान्यता है कि सावन महीने में भगवान शिव का जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-शांति आती है।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा और व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए। प्रमुख मंदिरों और यात्रा मार्गों पर पुलिस बल तैनात किया गया। यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए कई स्थानों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से शांतिपूर्ण तरीके से यात्रा करने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की।

कई स्थानों पर स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय लोगों ने कांवड़ियों के लिए पेयजल, चिकित्सा सहायता और विश्राम की व्यवस्था भी की। लंबी दूरी तय करने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रास्तों में सेवा शिविर लगाए गए, जहां उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई।

सावन के पहले सोमवार को लेकर श्रद्धालुओं में सुबह से ही खास उत्साह था। बड़ी संख्या में परिवारों और युवाओं ने मंदिरों में पहुंचकर भगवान शिव की आराधना की। कई स्थानों पर धार्मिक भजन और कीर्तन के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और इस दौरान सोमवार के दिन पूजा-अर्चना का विशेष महत्व होता है। भक्त उपवास रखते हैं, मंदिरों में जाकर पूजा करते हैं और शिवलिंग पर जल अर्पित करते हैं। इसी परंपरा के तहत ओडिशा में भी हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था और भक्ति के साथ शिव आराधना की।

कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने कहा कि वे भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करने और परिवार की खुशहाली की कामना के लिए हर वर्ष इस यात्रा में शामिल होते हैं। कई भक्तों ने बताया कि सावन के दौरान शिव मंदिर में जल चढ़ाना उनके लिए आध्यात्मिक अनुभव होता है।

राज्य के विभिन्न हिस्सों में सावन सोमवार के मौके पर धार्मिक माहौल बना रहा। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़, कांवड़ियों के जयकारे और धार्मिक गतिविधियों से पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया।

प्रशासन और मंदिर प्रबंधन समितियों ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं की थीं। भीड़ नियंत्रण, साफ-सफाई, पेयजल और सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान दिया गया।

ओडिशा में सावन के पहले सोमवार का यह आयोजन श्रद्धा, परंपरा और धार्मिक आस्था का प्रतीक बना रहा। हजारों ‘बोल बम’ भक्तों ने नदियों से लाए पवित्र जल से भगवान शिव का अभिषेक कर अपनी कांवड़ यात्रा पूरी की और पूरे राज्य में भक्ति का माहौल देखने को मिला।

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