
Karnataka कर्नाटक: राज्य कांग्रेस सरकार की प्रमुख सामाजिक कल्याण योजना, गृहलक्ष्मी स्कीम, के व्यापक रिव्यू के बाद करीब 4.30 लाख लाभार्थियों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। इस कदम से यह साफ हो गया है कि सरकार अयोग्य या गड़बड़ियों के साथ जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से ले रही है।
गृहलक्ष्मी स्कीम के तहत घर की महिला मुखिया को हर महीने 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना का मकसद महिलाओं को आर्थिक तौर पर सशक्त बनाना और उनके परिवार की समग्र भलाई को सुनिश्चित करना है। हालांकि, हालिया निरीक्षणों में कई गड़बड़ियां सामने आईं, जिससे सरकार ने “ऑपरेशन गृहलक्ष्मी” नाम से एक विशेष जांच अभियान शुरू किया।
ऑपरेशन के तहत अलग-अलग जिलों में भौतिक और रिकॉर्ड निरीक्षण किया गया। अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में ऐसा पाया गया कि स्कीम का लाभ लेने वाले कई लाभार्थी असल में इनकम टैक्स देने वाले थे या सरकारी कर्मचारियों के परिवार से जुड़े थे। कुछ मामलों में मृतक लाभार्थियों के नाम पर राशि ली जा रही थी, जबकि एक ही परिवार से एक से अधिक आवेदन जमा करने के भी उदाहरण मिले।
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई जिलों में स्थानीय स्तर पर दस्तावेजों की जांच पर्याप्त रूप से नहीं की गई थी, जिससे योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच रहा था। यही कारण था कि सरकार ने बड़े पैमाने पर रिव्यू करने का निर्णय लिया और ऐसे लाभार्थियों को सूची से हटाया।
इस कार्रवाई के बाद सरकार का लक्ष्य यह है कि गृहलक्ष्मी योजना केवल वास्तविक जरूरतमंद महिलाओं तक ही पहुंचे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि आगे भी नियमित निरीक्षण और वेरिफिकेशन जारी रहेगा, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी दोबारा न हो सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के रिव्यू अभियान योजनाओं की पारदर्शिता बढ़ाने में मदद करते हैं। इससे न केवल वित्तीय संसाधनों की सही दिशा में उपयोगिता सुनिश्चित होती है, बल्कि नागरिकों के बीच सरकारी योजनाओं के प्रति विश्वास भी मजबूत होता है।
सरकारी सूत्रों ने यह भी बताया कि इस रिव्यू के बाद, योजना के लाभार्थियों की सूची और आवेदन प्रक्रिया में सुधार किया जाएगा। नई व्यवस्था में आवेदकों की पात्रता और दस्तावेजों की सख्त जांच की जाएगी, ताकि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचे और किसी भी तरह का दुरुपयोग रोका जा सके।
गृहलक्ष्मी स्कीम राज्य की सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक योजनाओं में से एक मानी जाती है। ऑपरेशन गृहलक्ष्मी की इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि सरकार योजनाओं के कार्यान्वयन और निगरानी में गंभीर है और किसी भी अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगी।





