
Odisha ओडिशा: ओडिशा की डिप्टी चीफ मिनिस्टर और महिला एवं बाल विकास मंत्री पार्वती परिदा ने राज्य के सभी विधायकों को पत्र लिखकर अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्य में सक्रिय सहयोग देने की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से निर्माण कार्य की समय पर पूर्णता और उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
मंत्री पार्वती परिदा ने अपने पत्र में कहा है कि आंगनवाड़ी केंद्र ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों के समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन केंद्रों के माध्यम से पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा जैसी सेवाएं प्रदान की जाती हैं, इसलिए इनके निर्माण और संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने सभी विधायकों से अनुरोध किया है कि वे अपने क्षेत्रों में चल रहे आंगनवाड़ी केंद्र निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे हों। इसके साथ ही निर्माण की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही गई है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी या संरचनात्मक समस्या उत्पन्न न हो।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई स्थानों पर निर्माण कार्यों में देरी और गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे में विधायकों की सक्रिय भूमिका इन समस्याओं को समय पर हल करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। मंत्री ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और तेजी आएगी।
पार्वती परिदा ने यह भी स्पष्ट किया कि आंगनवाड़ी केंद्रों का विकास राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए हर स्तर पर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में इन कार्यों की निगरानी करते हैं तो इससे न केवल निर्माण कार्यों की गति बढ़ेगी बल्कि लाभार्थियों को भी समय पर सुविधाएं मिल सकेंगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, आंगनवाड़ी केंद्रों को मजबूत बनाने का उद्देश्य बच्चों में कुपोषण को कम करना और प्रारंभिक शिक्षा को बेहतर बनाना है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल भी इन केंद्रों के माध्यम से की जाती है।
सरकार का मानना है कि इन केंद्रों का बेहतर निर्माण और संचालन ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसी को ध्यान में रखते हुए विधायकों से सीधे सहयोग की अपील की गई है ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस पत्र को एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे जमीनी स्तर पर विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार का फोकस अब आंगनवाड़ी ढांचे को और मजबूत करने तथा सेवा गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर है।





