ओडिशा

पश्चिमी सिंहभूम में लगातार DC तबादलों से प्रशासनिक स्थिरता पर सवाल

Kavita2
24 May 2026 1:48 PM IST
पश्चिमी सिंहभूम में लगातार DC तबादलों से प्रशासनिक स्थिरता पर सवाल
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Jharkhand झारखण्ड ; जिले में पिछले दो वर्षों के दौरान लगातार उपायुक्तों (डीसी) के तबादलों ने न केवल प्रशासनिक कार्यशैली को प्रभावित किया है, बल्कि उपायुक्त आवास का स्वरूप भी बार-बार बदलता रहा है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा आम हो गई है कि हर नया डीसी अपने तरीके से सरकारी आवास का रिनोवेशन कराता है।

सूत्रों और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, प्रशासनिक बदलावों की इस लगातार प्रक्रिया ने जिले में स्थिरता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर नए अधिकारी के आने के साथ आवास में बदलाव और मरम्मत कार्य शुरू हो जाते हैं, जिससे न केवल समय बल्कि सरकारी संसाधनों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

फरवरी 2024 में कुलदीप चौधरी ने जिले के उपायुक्त का पदभार संभाला था। उनके कार्यकाल के दौरान उपायुक्त आवास में बड़े स्तर पर बदलाव किए गए थे। भवन निर्माण विभाग की ओर से टाइल्स बदलने, रंग-रोगन और इंटीरियर से जुड़े कई कार्य कराए गए थे।

कुलदीप चौधरी अपने शांत लेकिन सख्त प्रशासनिक अंदाज के लिए जाने जाते रहे हैं। उनके कार्यकाल में लोकसभा चुनाव और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार कैंप कर मॉनिटरिंग करने की उनकी कार्यशैली की भी काफी चर्चा रही।

स्थानीय प्रशासनिक हलकों में यह भी माना जाता है कि बार-बार होने वाले तबादलों से नीतियों की निरंतरता प्रभावित होती है, जिसका असर विकास कार्यों की गति पर भी पड़ सकता है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि प्रशासनिक जरूरतों और समय-समय पर हुए मूल्यांकन के आधार पर ही तबादले किए जाते हैं।

दूसरी ओर, उपायुक्त आवास में बार-बार होने वाले बदलावों को लेकर भी लोग सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि हर नए डीसी के साथ आवास का पुनर्निर्माण एक तरह से परंपरा बनती जा रही है, जिससे अनावश्यक खर्च बढ़ता है।

फिलहाल जिले में प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता और स्थिरता को लेकर चर्चा तेज है, जबकि अधिकारी इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रहे हैं।

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