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ओडिशा में KG से PG तक मुफ्त शिक्षा तीन साल में भरे जाएंगे शिक्षकों के 45 हजार पद

Kavita2
5 Sept 2026 1:55 PM IST
ओडिशा में KG से PG तक मुफ्त शिक्षा तीन साल में भरे जाएंगे शिक्षकों के 45 हजार पद
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कटक। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि राज्य किंडरगार्टन से लेकर पोस्ट-ग्रेजुएट यानी KG से PG स्तर तक मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही राज्य में शिक्षकों के खाली पदों को भरने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि अगले तीन वर्षों में 45 हजार रिक्त शिक्षक पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों से सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताने के बजाय पढ़ाई, कौशल और अपने करियर पर ध्यान केंद्रित करने की अपील भी की।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी शनिवार को कटक के सेकेंडरी बोर्ड हाई स्कूल में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने शिक्षा को राज्य के विकास की बुनियाद बताते हुए कहा कि सरकार विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में जरूरी मानव संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।

KG से PG तक मुफ्त शिक्षा का दावा

मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि ओडिशा ने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उनके मुताबिक राज्य में अब किंडरगार्टन से लेकर पोस्ट-ग्रेजुएट स्तर तक विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने इसे शिक्षा तक सभी वर्गों की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक परिस्थितियां किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई में बाधा न बनें और छात्रों को उच्च शिक्षा तक पहुंचने का अवसर मिले।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस तरह की व्यवस्था लागू करने वाला ओडिशा देश का पहला राज्य बन गया है।

तीन साल में 45 हजार शिक्षकों की भर्ती

शिक्षक दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने राज्य के स्कूलों में खाली पड़े शिक्षक पदों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सरकार का संकल्प दोहराया कि आने वाले तीन वर्षों में 45 हजार शिक्षकों के रिक्त पदों को भरा जाएगा।

शिक्षकों की पर्याप्त संख्या को शिक्षा की गुणवत्ता से सीधे तौर पर जुड़ा माना जाता है। स्कूलों में शिक्षक पद खाली रहने से मौजूदा शिक्षकों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी बढ़ती है और विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो सकती है।

ऐसे में बड़े स्तर पर शिक्षक भर्ती की घोषणा राज्य की शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

छात्रों से किया सीधा संवाद

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से सीधे बातचीत की और उनकी पढ़ाई तथा भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे अपने जीवन के महत्वपूर्ण समय का सही इस्तेमाल करें। पढ़ाई के दौरान अनुशासन, मेहनत और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने से भविष्य में बेहतर अवसर हासिल किए जा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी ऊर्जा और समय का अधिक हिस्सा पढ़ाई और करियर निर्माण में लगाएं।

सोशल मीडिया को लेकर दी सलाह

मुख्यमंत्री माझी ने विद्यार्थियों में सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जरूरत से ज्यादा समय बिताना विद्यार्थियों का ध्यान पढ़ाई से भटका सकता है।

उन्होंने छात्रों से सोशल मीडिया का इस्तेमाल सोच-समझकर करने की अपील की।

आज स्मार्टफोन और इंटरनेट विद्यार्थियों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। पढ़ाई के लिए भी डिजिटल माध्यम उपयोगी हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहने से समय प्रबंधन और एकाग्रता प्रभावित हो सकती है।

गलत जानकारी से रहें सावधान

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर फैलने वाली गलत और भ्रामक जानकारी को लेकर भी विद्यार्थियों को सतर्क किया।

उन्होंने कहा कि छात्रों को हर जानकारी पर तुरंत विश्वास करने के बजाय उसकी सत्यता को समझना चाहिए। सोशल मीडिया पर मौजूद ध्यान भटकाने वाली सामग्री से दूरी बनाकर विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य पर ध्यान देना चाहिए।

डिजिटल दौर में सूचनाओं की उपलब्धता तेजी से बढ़ी है, लेकिन सही और गलत जानकारी के बीच अंतर करना भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।

पढ़ाई में पूरी एकाग्रता की जरूरत

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से पूरी लगन और एकाग्रता के साथ पढ़ाई करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं है, बल्कि बेहतर भविष्य तैयार करने की नींव है।

विद्यार्थियों को अपने करियर के बारे में शुरुआती दौर से ही गंभीरता से सोचना चाहिए और अपनी रुचि के मुताबिक कौशल विकसित करना चाहिए।

उन्होंने युवाओं को समय का सही इस्तेमाल करने और अपनी क्षमता को पहचानकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

शिक्षक समाज निर्माण की अहम कड़ी

शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों की भूमिका भी प्रमुख रही। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माने जाते हैं।

शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा नहीं करते बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व, सोच और भविष्य को आकार देने में भी बड़ी भूमिका निभाते हैं।

इसी कारण राज्य सरकार की ओर से शिक्षक पदों को भरने पर जोर दिया जा रहा है।

खाली पद भरने से स्कूलों को मिलेगी मजबूती

यदि सरकार अगले तीन वर्षों में 45 हजार शिक्षक पद भरने के लक्ष्य को पूरा करती है तो इससे राज्य के बड़ी संख्या में स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है।

नई नियुक्तियों से छात्र-शिक्षक अनुपात में सुधार के साथ अलग-अलग विषयों के लिए पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराने में भी मदद मिल सकती है।

विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षकों की उपलब्धता शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

शिक्षा पर सरकार का बढ़ता फोकस

ओडिशा सरकार हाल के दिनों में शिक्षा को कौशल और आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में भी कई कदम उठा रही है। विद्यार्थियों को डिजिटल लर्निंग, रोजगार आधारित कौशल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीकों से परिचित कराने पर जोर दिया जा रहा है।

ऐसे में KG से PG तक मुफ्त शिक्षा और बड़े स्तर पर शिक्षक भर्ती की घोषणा को शिक्षा व्यवस्था को व्यापक रूप से मजबूत करने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

विद्यार्थियों के भविष्य पर जोर

मुख्यमंत्री माझी के संबोधन का बड़ा हिस्सा विद्यार्थियों के भविष्य और उनकी जिम्मेदारियों पर केंद्रित रहा। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार शिक्षा के अवसर उपलब्ध करा सकती है, लेकिन छात्रों को भी मेहनत और अनुशासन के साथ इन अवसरों का फायदा उठाना होगा।

उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के अनावश्यक इस्तेमाल से बचने, गलत सूचनाओं से सतर्क रहने और अपने करियर पर ध्यान देने की सलाह दी।

मुख्यमंत्री के मुताबिक शिक्षा और कौशल ही युवाओं को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार कर सकते हैं।

शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी

KG से PG तक मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराने के दावे और अगले तीन वर्षों में 45 हजार शिक्षक पदों को भरने की घोषणा से राज्य की शिक्षा नीति को लेकर सरकार की प्राथमिकता सामने आई है।

अब सबसे ज्यादा नजर शिक्षक भर्ती के लक्ष्य को निर्धारित समय में पूरा करने और मुफ्त शिक्षा से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर रहेगी।

शिक्षक दिवस के मंच से मुख्यमंत्री ने एक तरफ शिक्षकों के महत्व को रेखांकित किया तो दूसरी तरफ विद्यार्थियों को डिजिटल दौर की चुनौतियों से सावधान रहने का संदेश दिया। सरकार का दावा है कि शिक्षा तक आसान पहुंच, पर्याप्त शिक्षक और छात्रों के कौशल विकास के जरिए राज्य में शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

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