ओडिशा

Kathmandu कलिंग लिटरेरी फेस्टिवल का चौथा संस्करण नेपाल में सफलतापूर्वक संपन्न

Kavita2
9 Jun 2026 9:34 AM IST
Kathmandu कलिंग लिटरेरी फेस्टिवल का चौथा संस्करण नेपाल में सफलतापूर्वक संपन्न
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Odisha ओडिशा: काठमांडू कलिंग लिटरेरी फेस्टिवल (KLF) का चौथा संस्करण नेपाल के ललितपुर स्थित होटल हिमालय में दो दिनों तक चले साहित्यिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक सत्रों के बाद सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस फेस्टिवल ने दक्षिण एशिया के साहित्य, कला और विचार जगत से जुड़े प्रमुख व्यक्तियों को एक मंच पर लाकर संवाद, रचनात्मकता और अंतर-सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस आयोजन में दक्षिण एशिया के कई देशों से आए प्रसिद्ध लेखक, कलाकार, विद्वान, विचारक और सांस्कृतिक विशेषज्ञ शामिल हुए। फेस्टिवल का उद्देश्य क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करना और साझा सांस्कृतिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना रहा। आयोजकों के अनुसार, यह मंच साहित्य और कला के माध्यम से सीमाओं से परे संवाद स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

इस वर्ष के फेस्टिवल की थीम ‘बियॉन्ड बॉर्डर्स – साउथ एशियन लिटरेचर इन ए चेंजिंग वर्ल्ड: टुवर्ड्स द इमेजिनेशन ऑफ़ ए शेयर्ड फ्यूचर’ रखी गई थी। इस थीम के तहत दक्षिण एशिया की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत पर चर्चा की गई और बदलते वैश्विक परिदृश्य में क्षेत्रीय सहयोग की संभावनाओं पर विचार साझा किए गए।

फेस्टिवल का उद्घाटन नेपाल की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की ने किया। उद्घाटन सत्र में उन्होंने साहित्य और संस्कृति के माध्यम से समाज में संवाद और समझ को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सत्रों में साहित्यिक विमर्श, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विचार-विमर्श आयोजित किए गए, जिनमें क्षेत्रीय एकता और साझा भविष्य की कल्पना पर विशेष ध्यान दिया गया।

फेस्टिवल के पहले दिन का एक प्रमुख आकर्षण भारतीय अभिनेता, लेखक, कवि और संगीतकार पीयूष मिश्रा के साथ आयोजित विशेष संवाद सत्र रहा। यूनुस खान द्वारा मॉडरेट किए गए इस सत्र का शीर्षक ‘तुम्हारी औकात क्या है पीयूष मिश्रा’ रखा गया था। इस बातचीत में पीयूष मिश्रा ने अपने बचपन, कलात्मक यात्रा, थिएटर के प्रति अपने जुनून, संघर्ष और अपनी आत्मकथा से जुड़े अनुभव साझा किए।

उनकी बेबाक और ईमानदार बातचीत ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। उन्होंने कला के क्षेत्र में संघर्ष और आत्म-अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अपने विचार रखे, जिसे उपस्थित श्रोताओं ने काफी सराहा। इस सत्र को फेस्टिवल का एक यादगार पल माना गया।

पूरे आयोजन के दौरान साहित्यिक चर्चाओं के साथ-साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विचार-विमर्श ने प्रतिभागियों को एक समृद्ध अनुभव प्रदान किया। दक्षिण एशियाई देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने और साहित्यिक संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित यह फेस्टिवल अपने उद्देश्यों में सफल रहा।

आयोजकों के अनुसार, इस तरह के मंच भविष्य में भी क्षेत्रीय सहयोग और सांस्कृतिक समझ को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। काठमांडू कलिंग लिटरेरी फेस्टिवल का यह संस्करण साहित्य, कला और विचारों के आदान-प्रदान का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभरा, जिसने दक्षिण एशिया में साझा सांस्कृतिक पहचान की भावना को और मजबूत किया।

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