ओडिशा

पूर्व अधिकारी को NHM फंड हेराफेरी में 3 साल की सज़ा

Ratna Netam
30 April 2026 8:00 PM IST
पूर्व अधिकारी को NHM फंड हेराफेरी में 3 साल की सज़ा
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Bhubaneswar.भुवनेश्वर: नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के फंड के दुरुपयोग के मामले में पूर्व बागवानी अधिकारी को अदालत ने तीन साल की सज़ा और जुर्माने का आदेश सुनाया है। इस मामले में आरोपी पर सरकारी धन का ग़लत इस्तेमाल और फर्जी बिल तैयार करने का आरोप था। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए NHM फंड के माध्यम से वास्तविक बागवानी और स्वास्थ्य परियोजनाओं के लिए आवंटित राशि का गलत इस्तेमाल किया। मामले की जांच सुपरवाइज़री एजेंसी और प्रशासनिक अधिकारियों ने की थी।
जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने फर्जी इनवॉइस और भुगतान के दस्तावेज़ तैयार कर कई लाखों रुपये का हेराफेरी किया। मामले में कई दस्तावेज़ों और बैंक ट्रांज़ैक्शन का सत्यापन किया गया, जिसने अपराध की पुष्टि की। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि NHM फंड का दुरुपयोग सिर्फ वित्तीय अपराध नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और विकास कार्यों में बाधा डालने वाला अपराध है। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि सरकारी निधियों का ग़लत इस्तेमाल गंभीर अपराध माना जाता है और इस तरह की हरकतों को कड़ा दंड मिलना चाहिए। अदालत ने आरोपी को तीन साल की कैद और जुर्माने के साथ दोषी करार दिया, ताकि भविष्य में इस तरह के मामलों में सख्त संदेश जा सके। अधिकारीयों ने बताया कि जुर्माने की राशि सरकारी खजाने में जमा की जाएगी।
इस फैसले के बाद राज्य प्रशासन और NHM अधिकारियों ने कहा कि फंड के पारदर्शी और सही उपयोग के लिए निगरानी कड़ी की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए नियंत्रण तंत्र मजबूत किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि NHM फंड के दुरुपयोग मामले में सज़ा सुनाना राज्य में सरकारी निधियों के प्रति जवाबदेही बढ़ाने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि इससे भविष्य में अधिकारियों और कर्मचारियों में जिम्मेदारी और सावधानी बढ़ेगी। इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी, जांच और कोर्ट प्रक्रिया सालों तक चली, लेकिन अंततः न्याय मिलने से जनता और अधिकारियों में सकारात्मक संदेश गया है कि सरकारी धन के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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