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ओडिशा में बाढ़ का खतरा बरकरार, नदियां उफान पर

Kavita2
17 Aug 2026 3:02 PM IST
ओडिशा में बाढ़ का खतरा बरकरार, नदियां उफान पर
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भुवनेश्वर। ओडिशा में भारी बारिश के बाद पैदा हुए बाढ़ के हालात अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। राज्य में कई नदियों का जलस्तर अब भी बढ़ा हुआ है, जिसके कारण अगले चार से पांच दिनों तक बाढ़ की स्थिति बने रहने की संभावना जताई गई है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

ओडिशा जल संसाधन विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ दिलीप कुमार राउत ने बताया कि राज्य की प्रमुख नदियों ब्राह्मणी और बैतरणी में अभी भी बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। कई स्थानों पर इन नदियों का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।

उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के कारण नदियों में जल प्रवाह बढ़ गया था, जिसका असर निचले इलाकों में देखने को मिल रहा है। हालांकि, अब कई क्षेत्रों में बारिश कम हुई है और धीरे-धीरे जलस्तर में कमी आने लगी है।

राउत के अनुसार, बैतरणी नदी का पानी पूरी तरह सामान्य स्तर पर आने में करीब चार दिन का समय लग सकता है। नदी के आसपास बसे इलाकों में अभी भी सतर्कता बरती जा रही है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

उन्होंने बताया कि जाजपुर और भद्रक जिलों में बाढ़ की स्थिति में कुछ सुधार देखने को मिला है। बारिश कम होने के बाद नदियों के जलस्तर में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जा रही है। हालांकि, प्रशासन की टीमें अब भी प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हैं।

जाजपुर जिले में बाढ़ के कारण तटबंधों को हुए नुकसान की मरम्मत का काम जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, जिले में तटबंधों में दो स्थानों पर टूट-फूट हुई थी, जिसे ठीक करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है।

तटबंधों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन विशेष निगरानी रख रहा है, क्योंकि बारिश के मौसम में तटबंधों में किसी भी तरह की कमजोरी से आसपास के गांवों में पानी भरने का खतरा बढ़ सकता है।

ओडिशा में पिछले कुछ दिनों में हुई भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर नदी किनारे बसे इलाकों में देखने को मिला है। कई क्षेत्रों में खेतों और सड़कों पर पानी भर गया था, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य भी चलाए जा रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराएं।

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। बांधों और जलाशयों की स्थिति की भी नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि पानी के प्रवाह को नियंत्रित किया जा सके।

बाढ़ के दौरान प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ऐसे स्थानों पर जाने से रोकने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कुछ हिस्सों में अभी भी बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि, पिछले दिनों की तुलना में बारिश की तीव्रता कम हुई है, जिससे राहत की उम्मीद बढ़ी है।

ब्राह्मणी और बैतरणी नदियां ओडिशा की प्रमुख नदियों में शामिल हैं। इन नदियों में जलस्तर बढ़ने का सीधा असर आसपास के जिलों पर पड़ता है। इसलिए प्रशासन नदी किनारे बसे क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरत रहा है।

जाजपुर और भद्रक जिलों में स्थिति सुधरने के बावजूद कई गांवों में अभी भी पानी जमा है। प्रशासन की टीमें प्रभावित लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं।

अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे नदियों का जलस्तर कम होगा, वैसे-वैसे जनजीवन सामान्य होने लगेगा। फिलहाल बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य और निगरानी जारी रहेगी।

राज्य सरकार ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और सड़क व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।

ओडिशा में हर साल मानसून के दौरान बाढ़ की स्थिति बनती है। ऐसे में प्रशासन पहले से ही तैयारियां करता है, लेकिन अत्यधिक बारिश होने पर कई बार नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है।

फिलहाल राज्य में हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन अगले कुछ दिन महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। प्रशासन की नजर नदियों के जलस्तर और मौसम की गतिविधियों पर बनी हुई है।

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