
भुवनेश्वर। ओडिशा में महानदी नदी प्रणाली में बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंता बढ़ गई है। राज्य के जल संसाधन विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि महानदी का बाढ़ का पानी गुरुवार शाम तक मुंडली बैराज पर करीब 9.5 लाख क्यूसेक के उच्चतम स्तर तक पहुंच सकता है। इसके बाद नदी के बहाव क्षेत्र में आने वाले कई जिलों में प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है।
लगातार बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से पानी की आवक बढ़ने के कारण महानदी प्रणाली में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन को निगरानी बढ़ाने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मुंडली बैराज पर बढ़ेगा दबाव
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, महानदी में बढ़े जल प्रवाह का असर मुंडली बैराज पर दिखाई देगा। अनुमान है कि गुरुवार शाम तक यहां पानी का प्रवाह 9.5 लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है।
मुंडली बैराज महानदी नदी प्रणाली का एक महत्वपूर्ण बिंदु है, जहां से आगे नदी का पानी कई इलाकों से होकर गुजरता है। ऐसे में यहां जलस्तर बढ़ने पर नदी के निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ सकता है।
नदी किनारे बसे जिलों में बढ़ाई गई सतर्कता
बाढ़ की आशंका को देखते हुए महानदी के निचले प्रवाह क्षेत्र में आने वाले जिलों में प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखें और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखें।
स्थानीय प्रशासन को संवेदनशील इलाकों की पहचान करने और राहत एवं बचाव संसाधनों को तैयार रखने के लिए कहा गया है।
लगातार बारिश बनी मुख्य वजह
राज्य के कई हिस्सों में हो रही लगातार बारिश के कारण नदियों और जलाशयों में पानी की मात्रा बढ़ रही है। महानदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश होने से नदी में अतिरिक्त पानी पहुंच रहा है।
जल संसाधन विभाग ने बताया कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों की टीमें जलस्तर और जल प्रवाह की स्थिति का नियमित आकलन कर रही हैं।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।
विशेष रूप से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को बाढ़ की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
राहत और बचाव तैयारियां तेज
बाढ़ की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत और बचाव टीमों को तैयार रखा है। जरूरत पड़ने पर लोगों को निकालने, राहत सामग्री पहुंचाने और प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को भी स्थिति पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पिछले अनुभवों को देखते हुए तैयारी
ओडिशा में हर साल मानसून के दौरान कई नदियों में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बनती है। महानदी राज्य की प्रमुख नदियों में शामिल है और इसके बढ़ते जलस्तर का असर बड़े क्षेत्र में पड़ सकता है।
प्रशासन पिछले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए पहले से तैयारी कर रहा है, ताकि बाढ़ की स्थिति बनने पर नुकसान को कम किया जा सके।
सरकार की नजर स्थिति पर
राज्य सरकार और जल संसाधन विभाग महानदी की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन जल प्रवाह बढ़ने की संभावना को देखते हुए पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
मुंडली बैराज पर पानी का स्तर बढ़ने के बाद आगे की स्थिति के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाना है।





