
भुवनेश्वर। ओडिशा के कई हिस्सों में शुक्रवार को बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही। लगातार बढ़ते जलस्तर और नदियों के उफान के कारण कई इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जाजपुर जिले में भारी जल प्रवाह के चलते तीन प्रमुख नदियों में सात स्थानों पर तटबंध टूटने की खबर सामने आई है। तटबंधों के टूटने से आसपास के क्षेत्रों में पानी तेजी से फैल रहा है और प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लानी पड़ी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जाजपुर जिले में ब्राह्मणी नदी सबसे अधिक प्रभावित हुई है। नदी के बढ़ते दबाव के कारण इसके तटबंध चार अलग-अलग स्थानों पर टूट गए हैं। इसके अलावा बैतरणी नदी की शाखा कानी नदी में दो जगहों पर तटबंध टूटने की सूचना है। वहीं, खारास्रोता नदी की शाखा नुआ महारा में भी एक स्थान पर तटबंध क्षतिग्रस्त हुआ है। इन घटनाओं के बाद कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।
प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, लगातार हो रही बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। नदियों में पानी का दबाव बढ़ने के बाद कई जगहों पर पुराने और कमजोर तटबंध प्रभावित हुए हैं। तटबंध टूटने से ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू किया गया है।
जाजपुर जिले के प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन, आपदा प्रबंधन दल और स्थानीय अधिकारियों की टीमें सक्रिय हैं। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए नावों की मदद ली जा रही है। जिन इलाकों में पानी अधिक भर गया है, वहां से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पेयजल और जरूरी दवाओं की व्यवस्था की जा रही है।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों को लगातार स्थिति पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि वे नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
ओडिशा में मानसून के दौरान नदियों का जलस्तर बढ़ना आम बात है, लेकिन इस बार कई क्षेत्रों में लगातार बारिश और जल निकासी की समस्या के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। कई नदियां खतरे के निशान के आसपास बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
जाजपुर के अलावा राज्य के अन्य जिलों में भी बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। कई ग्रामीण सड़कों पर पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हुआ है। कुछ स्थानों पर बिजली और अन्य आवश्यक सेवाओं पर भी असर पड़ने की सूचना है। प्रशासन प्रभावित इलाकों में स्थिति सामान्य करने के प्रयास में जुटा हुआ है।
राज्य सरकार ने संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। जल संसाधन विभाग के अधिकारी तटबंधों की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और जहां भी कमजोरी या नुकसान की संभावना है, वहां मरम्मत का काम शुरू किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द राहत पहुंचाना है।
मौसम विभाग की ओर से आने वाले दिनों में भी कुछ इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में प्रशासन ने पहले से तैयारियां तेज कर दी हैं ताकि किसी भी संभावित स्थिति से निपटा जा सके। राहत टीमों को आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार रखा गया है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक बढ़े जलस्तर और तटबंध टूटने से उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द राहत सामग्री उपलब्ध कराने और क्षतिग्रस्त तटबंधों की मरम्मत कराने की मांग की है।
फिलहाल ओडिशा प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर चला रहा है। जाजपुर जिले में सात स्थानों पर तटबंध टूटने की घटना ने चिंता बढ़ा दी है, लेकिन प्रशासन का दावा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।





